शादी का कार्ड बना विवाद की वजह, ग्राम सभा की बैठक में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की जमकर पिटाई, पुलिस ने दर्ज की शिकायत

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शादी के निमंत्रण में हुई एक मामूली चूक ने गांव में ऐसा बवाल खड़ा कर दिया कि मामला मारपीट और गंभीर चोटों तक पहुंच गया। ग्राम मुखिया की नाराजगी बैठक में हिंसा में बदल गई, जहां एक ही परिवार के कई लोगों को लाठी-डंडों से पीटा गया। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है और पुलिस जांच में जुट गई है।

 

पखांजूर 5 फरवरी 2026। छत्तीसगढ़ के बांदे थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां शादी के निमंत्रण में हुई एक छोटी-सी गलती ने हिंसक रूप ले लिया। ग्राम पंचायत PV-111 में एक परिवार को सिर्फ इसलिए बेरहमी से पीटा गया, क्योंकि सगाई और शादी का निमंत्रण अलग-अलग नहीं दिया गया था। इस घटना ने न सिर्फ ग्रामीण व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि ग्राम मुखिया की भूमिका को लेकर भी गंभीर बहस छेड़ दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बितीका मल्लिक के घर बेटे की शादी तय हुई थी। परिवार की ओर से गांव में निमंत्रण दिया गया, लेकिन सगाई और शादी—दोनों कार्यक्रमों का इनवाइट एक साथ कर दिया गया। यही बात ग्राम मुखिया खुदीराम भक्त को नागवार गुजर गई। बताया जा रहा है कि मुखिया इस बात से बेहद नाराज हो गए कि सगाई का अलग से निमंत्रण क्यों नहीं दिया गया।

बैठक बुलाई गई, लेकिन चर्चा से पहले ही शुरू हुई मारपीट

इस नाराजगी के बाद बीती रात गांव में एक बैठक बुलाई गई। शुरुआत में मामला बातचीत और चर्चा तक ही सीमित था, लेकिन अचानक हालात बिगड़ गए। आरोप है कि बैठक के दौरान ग्राम मुखिया के समर्थक कुछ लोगों ने बितीका मल्लिक के बेटे पर हमला कर दिया। जब परिवार के अन्य सदस्य बीच-बचाव करने आए, तो उन पर भी लाठी-डंडों और लात-घूंसों से हमला कर दिया गया।

बताया जा रहा है कि करीब 10 लोगों ने मिलकर पूरे परिवार को घेर लिया और बेरहमी से पिटाई की। इस हमले में बितीका मल्लिक के बेटे की आंख में गंभीर चोट आई है, वहीं खुद आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बितीका मल्लिक भी गंभीर रूप से घायल हो गई हैं। परिवार के अन्य सदस्यों को भी चोटें आई हैं।

अस्पताल में चल रहा इलाज, गांव में दहशत का माहौल

घटना के बाद सभी घायलों को तत्काल बांदे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, कुछ घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है और उन्हें लगातार निगरानी में रखा गया है।इस घटना के बाद गांव में दहशत और आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों में यह चर्चा आम है कि एक सामाजिक मुद्दे को सुलझाने के नाम पर इस तरह की हिंसा किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराई जा सकती।

पुलिस ने शुरू की जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए बांदे थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपियों की पहचान की जा रही है और पीड़ित परिवार के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। प्राथमिक जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सवालों के घेरे में ग्राम मुखिया की भूमिका

इस पूरी घटना ने ग्राम पंचायत व्यवस्था और ग्राम मुखिया की जिम्मेदारी पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि मुखिया का काम विवाद सुलझाना होता है, न कि किसी छोटी-सी बात को लेकर हिंसा को बढ़ावा देना।

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