
दुर्ग। शासकीय वी.वाई.टी. पी.जी. स्नातकोत्तर महाविद्यालय, दुर्ग के अंग्रेजी विभाग द्वारा विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से आयोजित सात दिवसीय ‘स्टूडेंट डेवलपमेंट प्रोग्राम’ (SDP) का आज दिनांक 10 फरवरी 2026 को गरिमामय समापन हुआ। यह कार्यक्रम महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार सिंह के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
समापन समारोह का संचालन डॉ. तरलोचन कौर द्वारा किया गया। इस अवसर पर वाणिज्य विभागाध्यक्ष प्रो. एस.एन. झा ने अंग्रेजी विभाग की इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए छात्रों की सक्रिय सहभागिता की प्रशंसा की। दुर्ग संभाग के अतिरिक्त संचालक प्रो. सुमित अग्रवाल ने अपने उद्बोधन में कहा कि कार्यक्रम में 170 छात्रों की उत्साहपूर्ण भागीदारी इसकी सफलता का प्रमाण है। उन्होंने विभाग को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी। समारोह में सभी वरिष्ठ प्राध्यापकों द्वारा प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
इस सात दिवसीय गहन प्रशिक्षण सत्र में विद्यार्थियों को आधुनिक कार्यक्षेत्र की चुनौतियों के लिए तैयार करने हेतु विभिन्न ‘सॉफ्ट स्किल्स’ विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा मार्गदर्शन प्रदान किया गया। प्रथम दिवस पर डॉ. मर्सी जॉर्ज ने SWOT विश्लेषण एवं जोहारी विंडो के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी क्षमताओं और कमजोरियों की पहचान कराई तथा साक्षात्कार कौशल (Interview Skills) पर प्रशिक्षण दिया। द्वितीय दिवस पर डॉ. तरलोचन कौर ने रिज्यूमे मेकिंग (Resume Making) पर व्यावसायिक कौशल विकसित किए, वहीं डॉ. मोनिका शर्मा ने ग्रुप डिस्कशन (Group Discussion) के महत्व एवं नियमों से विद्यार्थियों को अवगत कराया।
तृतीय दिवस पर डॉ. निगार अहमद ने भावनात्मक बुद्धिमत्ता (Emotional Intelligence) तथा डॉ. कुंदन यादव ने सोशल एटीकेट्स (Social Etiquettes) पर प्रशिक्षण प्रदान किया। चतुर्थ दिवस पर डॉ. मीना मान ने पब्लिक स्पीकिंग (Public Speaking) और डॉ. सीमा पंजवानी ने प्रेजेंटेशन स्किल्स (Presentation Skills) पर प्रभावी मार्गदर्शन दिया। पंचम दिवस पर डॉ. राजश्री नायडू ने निर्णय लेने की क्षमता (Decision Making) और डॉ. निगार अहमद ने स्ट्रेस मैनेजमेंट (Stress Management) विषय पर व्याख्यान दिया।
कार्यक्रम की सफलता में अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डॉ. मर्सी जॉर्ज एवं वरिष्ठ प्राध्यापकगण—डॉ. निगार अहमद, डॉ. तरलोचन कौर, डॉ. मीना मान, डॉ. सीमा पंजवानी, डॉ. राजश्री नायडू, डॉ. मोनिका शर्मा एवं डॉ. कुंदन यादव—का विशेष योगदान रहा। बी.ए. एवं एम.ए. द्वितीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने वॉलेंटियर के रूप में सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
प्रतिभागियों ने फीडबैक में बताया कि इस कार्यशाला से प्राप्त ज्ञान और अनुभव उनके व्यावहारिक जीवन एवं भविष्य के करियर में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगे। विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए इस प्रकार के कार्यक्रम प्रत्येक सत्र में आयोजित करने की इच्छा व्यक्त की।
कार्यक्रम का समापन डॉ. मीना मान द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया।

