
दुर्ग-भिलाई | भिलाई नगर निगम में कार्यरत एक युवक ने पारिवारिक तनाव और धमकियों से परेशान होकर आत्महत्या की कोशिश की। मंगलवार शाम वह धमधा नाका स्थित रेलवे ओवरब्रिज पर पहुंचा और कुछ देर तक वहां घूमने के बाद अचानक करीब 20 फीट नीचे रेल पटरी पर छलांग लगा दी।
गंभीर हादसे के बावजूद युवक की जान बच गई, लेकिन गिरने से उसका पैर टूट गया। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी, जिसके बाद घायल को जिला अस्पताल दुर्ग में भर्ती कराया गया। उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है। मामला जीआरपी दुर्ग थाना क्षेत्र से जुड़ा है।
“घर में मुझे मानसिक कहा जाता था”
घायल युवक की पहचान भानुप्रताप देशमुख (30 वर्ष) के रूप में हुई है, जो जेवर सिरसा वार्ड क्रमांक-13 का निवासी है और नगर निगम में सफाई कर्मचारी के तौर पर पदस्थ है।
स्थानीय लोगों से बातचीत के दौरान उसने बताया कि परिवार के कुछ सदस्य उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे और “मेंटल” कहकर अपमानित किया जाता था। इसी दबाव में उसने आत्मघाती कदम उठाया।
रिश्तेदारों पर धमकी देने का आरोप
भानुप्रताप का आरोप है कि उसके मामा के लड़के उस पर झूठे आरोप लगाकर उसे डराते थे। वे उसके पास अवैध हथियार होने की बात फैलाते थे, जबकि उसके अनुसार उसके पास केवल पक्षी भगाने का साधन था।
उसने कहा कि उसे गुंडे भेजकर मारने की धमकी दी जा रही थी, जिससे वह बेहद डरा हुआ था।
पत्नी ने बताया—घर में कोई विवाद नहीं
दूसरी ओर घायल की पत्नी ने पारिवारिक विवाद की बातों को खारिज किया है। पत्नी का कहना है कि भानुप्रताप बिना बताए घर से निकल गया था और बाद में इस घटना की जानकारी मिली।
उनके अनुसार घर में किसी प्रकार का झगड़ा या तनाव नहीं था। हालांकि घटना के बाद काफी देर तक वह अस्पताल नहीं पहुंच सकी।
पुलिस कर रही तथ्यों की पड़ताल
जीआरपी दुर्ग पुलिस ने घटना को लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि घायल युवक के बयान और परिजनों की जानकारी के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है।
