
हत्या के प्रयास के मामले में बंद थे दोनों, पेशी से पहले पुलिस को चकमा देकर हुए गायब
रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। सेंट्रल जेल से कोर्ट पेशी के लिए लाए गए दो विचाराधीन कैदी पुलिस की अभिरक्षा से फरार हो गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और शहरभर में नाकाबंदी कर सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार फरार आरोपियों की पहचान राजेश मारकण्डेय और तुलाराम मारकण्डेय के रूप में हुई है। दोनों आपस में पिता-पुत्र बताए जा रहे हैं और हत्या के प्रयास सहित अन्य गंभीर मामलों में न्यायिक अभिरक्षा के तहत सेंट्रल जेल में बंद थे। गुरुवार को नियमित पेशी के लिए उन्हें कोर्ट लाया गया था।
बताया जा रहा है कि पेशी से पहले, जब दोनों कोर्ट मुहर्रिर की अभिरक्षा में थे, तभी मौका पाकर वे कोर्ट परिसर से फरार हो गए। कैदियों के अचानक गायब होने से कोर्ट परिसर में अफरा-तफरी मच गई। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के हाथ-पांव फूल गए और तत्काल आसपास के क्षेत्रों में तलाश शुरू की गई।
सीसीटीवी खंगाले जा रहे, एफआईआर दर्ज
घटना की गंभीरता को देखते हुए सिविल लाइन्स थाना पुलिस ने दोनों फरार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। कोर्ट परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि फरार होने की दिशा और संभावित ठिकानों का पता लगाया जा सके।
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं
गौरतलब है कि राजधानी में पुलिस अभिरक्षा से आरोपियों के फरार होने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई आरोपी पेशी के दौरान पुलिस को चकमा देकर भाग चुके हैं। चिंताजनक बात यह है कि पूर्व में फरार कुछ आरोपियों का अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका है।
ऐसे में बड़ा सवाल यह उठता है कि आखिर कोर्ट पेशी के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में इतनी बड़ी चूक कैसे हो गई? राजधानी में बार-बार हो रही ऐसी घटनाएं कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।


