17 जुलाई 2025, रायपुर
डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ जीएसटी इंटेलिजेंस (डीजीजीआई) ने छत्तीसगढ़ में टैक्स चोरी के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए “आशिकी गुटखा” से जुड़े कारोबारी नेटवर्क पर छापेमारी की है। रायपुर, दुर्ग, भिलाई और राजनांदगांव में पांच ठिकानों पर की गई इस कार्रवाई में लगभग 64 करोड़ रुपये की जीएसटी चोरी पकड़ी गई है। प्रारंभिक जांच में फर्जी बिलिंग, बिना बिल के बिक्री और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के दुरुपयोग का खुलासा हुआ है।
पांच ठिकानों पर एक साथ छापेमारी
DGGI की दिल्ली से आई 9 सदस्यीय टीम ने बुधवार दोपहर राजनांदगांव में आशिकी गुटखा फैक्ट्री और इसके मालिक नरेश मोटलानी के ठिकाने, रायपुर में प्रमुख डिस्ट्रीब्यूटर विश्वनाथ काबरा के ऑफिस और गोदाम, साथ ही दुर्ग और भिलाई में डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और स्टॉक प्वाइंट्स पर छापेमारी की। टीम ने दस्तावेजों, स्टॉक रजिस्टर और डिजिटल बिलिंग डेटा की गहन जांच शुरू की है।
फर्जी बिलिंग और टैक्स चोरी का खेल
जांच में सामने आया है कि गुटखा कंपनी द्वारा बिना बिल के भारी मात्रा में बिक्री की गई, फर्जी कंपनियों के नाम पर इनवॉइस बनाए गए और आईटीसी का गलत दावा किया गया। फैक्ट्री संचालक प्रोडक्शन को कम दिखाकर लेखा-पुस्तकों में नुकसान दर्ज कर रहे थे, जबकि देशभर में गुटखा की सप्लाई हो रही थी।

डिस्ट्रीब्यूटर्स भी कच्चे बिलों के जरिए गुटखा बेच रहे थे, जिससे सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। डीजीजीआई अधिकारियों का मानना है कि यह संगठित टैक्स चोरी लंबे समय से चल रही थी।
कड़ी कार्रवाई की तैयारी
डीजीजीआई ने जीएसटी एक्ट के तहत कड़ी कार्रवाई की योजना बनाई है। टीम दस्तावेजों, बैंक लेनदेन और आयकर रिटर्न की जांच कर रही है। कुछ अधिकारियों का कहना है कि यदि मनी लॉन्ड्रिंग के सबूत मिले तो मामला प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को भेजा जा सकता है। नरेश मोटलानी और विश्वनाथ काबरा से पूछताछ जारी है, और जांच के बाद बड़े खुलासे होने की संभावना है।
पहले भी पकड़ी गई थी टैक्स चोरी
इससे पहले दुर्ग जिले में स्टेट जीएसटी और खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने एक अवैध गुटखा फैक्ट्री पर छापा मारकर 1.50 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी पकड़ी थी। डीजीजीआई की मौजूदा कार्रवाई से गुटखा उद्योग में फर्जी बिलिंग और टैक्स चोरी के खिलाफ सख्ती और बढ़ने की उम्मीद है।
प्रोडक्शन और स्टॉक की गहन जांच
डीजीजीआई की टीम फैक्ट्री और डिस्ट्रीब्यूटर्स के ठिकानों पर प्रोडक्शन, स्टॉक और लेनदेन के दस्तावेजों की जांच कर रही है। कच्चे माल की खरीद, निर्मित गुटखा के फर्जी बिल और आपूर्ति की पूरी श्रृंखला को जांच के दायरे में लिया गया है। डीजीजीआई सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में लगातार गड़बड़ियां सामने आ रही हैं, और पूरी जांच के बाद टैक्स चोरी का और बड़ा खुलासा हो सकता है।
यह कार्रवाई छत्तीसगढ़ में जीएसटी चोरी के खिलाफ डीजीजीआई की अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक है, जो गुटखा उद्योग में अवैध गतिविधियों पर नकेल कसने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।