पृथ्वी का संरक्षण हम सभी का नैतिक दायित्व है – नीलिमा गजपाल
दुर्ग! पृथ्वी का संरक्षण हम सभी का नैतिक दायित्व है, प्रत्येक व्यक्ति चाहे वह सामान्य नागरिक हो अथवा शिक्षक या फिर विद्यार्थी सभी को अपने-अपने स्तर पर पृथ्वी के प्रमुख तत्वों जल, वायु, मृदा, ध्वनि आदि प्रदूषण की रोकथाम हेतु प्रयास करना चाहिये। ये उद्गार दिनांक 22 से 24 अप्रैल तक विश्व पृथ्वी दिवस के आयोजन शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय धनोरा दुर्ग में आयोजन के दौरान विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती नीलिमा गजपाल ने व्यक्त किया।
विद्यालय की प्राचार्य श्रीमती नीलिमा गजपाल ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा, –
“पृथ्वी का संरक्षण हम सभी का नैतिक दायित्व है। जल, वायु, मृदा एवं ध्वनि जैसे प्रमुख तत्वों को प्रदूषण से बचाने हेतु हम सभी को अपने स्तर पर सतत प्रयास करना चाहिए।”
यह जानकारी देते हुए विद्यालय की व्याख्याता डॉ. सरिता श्रीवास्तव ने बताया कि इसके अंतर्गत विद्यालय में प्रथम दिवस विद्यालय की शिक्षिकाओं के द्वारा मौली धागा बाँध कर वृक्ष को संरक्षित रखने का प्रण किया गया। विश्व पृथ्वी दिवस के द्वितीय दिवस पर प्राचार्य श्रीमती नीलिमा गजपाल मैडम के प्रतिनिधित्व में समस्त शिक्षिकाओं और विद्यार्थियों के द्वारा रोपित वृक्षों की उम्र भर रक्षा करने की शपथ ली गई तथा बच्चों को प्रेरित किया गया। तृतीय दिवस विद्यार्थियों के मध्य चित्रकला भाषण एवं निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस आयोजन में विद्यालय की शिक्षिकाओं एवं छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से कक्षा में प्रथम द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को विद्या का पौधा देकर पुरस्कृत किया गया। विद्यार्थियों को पर्यावरण से जोड़ने की इस मुहिम की समस्त पालकों के द्वारा सराहना की गई।

विश्व पृथ्वी दिवस के इस अभूतपूर्व आयोजन में विद्यालय के समस्त शिक्षिकाओं श्रीमती श्वेता सिंह विभावरी केसरी अलका आगलावे इंद्राणी बोस प्रीति ताम्रकार सोमा सरकार चित्ररेखा ठाकुर प्रियंका स्मृति नायक अपर्णा तिवारी सरस्वती बंजारे एवं गायत्री सैनी ने विशेष सहयोग दिया एवं विद्यालय के विद्यार्थियों ने बढ़ चढ़कर इसमें हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मार्गदर्शन प्राचार्य श्रीमती नीलिमा गजपाल एवं संयोजन श्रीमती सरिता श्रीवास्तव के द्वारा किया गया।
