
बिलासपुर, । सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत के मामले में छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने नाबालिग बेटी को वाहन की चाबी देने के आरोपी पिता को राहत देने से इनकार करते हुए उसके खिलाफ दर्ज एफआईआर और चार्जशीट रद्द करने की मांग खारिज कर दी। साथ ही हाईकोर्ट ने ट्रायल पर रोक लगाने से भी साफ इनकार कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि मामले में उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज, एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लैब) रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों की जांच ट्रायल कोर्ट में होगी। इस स्तर पर अदालत किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकती। इसलिए निचली अदालत में चल रही सुनवाई जारी रहेगी।
30 अक्टूबर 2025 को हुआ था हादसा
मामला 30 अक्टूबर 2025 को हुए एक भीषण सड़क हादसे से जुड़ा है, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई थी। आरोप है कि पिता ने अपनी नाबालिग बेटी को वाहन चलाने के लिए चाबी दी थी। इसी दौरान हुए हादसे में तीन लोगों की जान चली गई।घटना के बाद पुलिस ने पिता के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और मोटर व्हीकल एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर चार्जशीट पेश की थी।
हाईकोर्ट ने क्या कहा?
हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस चरण में एफआईआर या चार्जशीट रद्द करने का कोई आधार नहीं बनता। मामले से जुड़े सभी साक्ष्यों की जांच ट्रायल कोर्ट में होगी और वहीं यह तय होगा कि आरोप कितने सही हैं।अदालत ने यह भी कहा कि आरोपी को ट्रायल कोर्ट में अपना पक्ष रखने और बचाव का पूरा अवसर मिलेगा।इस फैसले के साथ हाईकोर्ट ने निचली अदालत की कार्रवाई को बरकरार रखते हुए ट्रायल जारी रखने का रास्ता साफ कर दिया।
