
पाटन /
दुर्ग जिले के पाटन विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत नगर पंचायत पाटन के वार्ड क्रमांक 02 (नहर किनारे) के रहवासी इन दिनों खौफ के साये में जीने को मजबूर हैं। सालों से यहाँ के जर्जर बिजली के पोल और घरों की छतों को छूते हुए झूलते हाई-वोल्टेज तार किसी बड़ी अनहोनी को खुला निमंत्रण दे रहे हैं। विडंबना यह है कि स्थानीय निवासियों द्वारा बार-बार शिकायत किए जाने के बावजूद बिजली विभाग गहरी नींद में सोया हुआ है।
हवा चली नहीं कि बढ़ने लगती है धड़कनें
वार्डवासियों का कहना है कि जब भी तेज हवाएं चलती हैं, ये तार आपस में टकराकर चिंगारियां छोड़ते हैं। वहीं, बंदरों की उछल-कूद स्थिति को और भी भयावह बना देती है। लोगों को डर है कि कहीं ये तार टूटकर किसी घर पर न गिर जाएं। हाल ही में कुम्हारी में शॉर्ट सर्किट से हुए गैस ब्लास्ट जैसी दर्दनाक घटना के बाद भी जिम्मेदार अधिकारियों की अनदेखी समझ से परे है। क्या विभाग किसी बड़ी जनहानि के बाद ही जागने का इंतजार कर रहा है?
सालों से सिर्फ मिल रहे हैं कोरे आश्वासन
स्थानीय नागरिकों ने बताया कि वे पिछले कई सालों से जनसमस्या निवारण शिविर सहित बिजली विभाग को आवेदन और शिकायत पत्र दे रहे हैं। समस्या के समाधान के नाम पर उन्हें सिर्फ आश्वासन की घुट्टी पिलाई जा रही है। वार्ड के लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि उनकी सुरक्षा को ताक पर रखकर विभाग अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है।
चुनावी वादे हुए हवा-हवाई
वार्डवासियों का दर्द है कि चुनाव आते ही तमाम दलों के नेता यहाँ आकर झूलते तारों और जर्जर खंभों को हटाने का बड़ा वादा करते हैं। वोट लेने के बाद ये वादे भी बिजली के तारों की तरह अधर में लटक जाते हैं।
नेताओं की उदासीनता और विभाग की लापरवाही के बीच आम जनता खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है।
वार्ड क्रमांक 02, मे जर्जर पोल, घरों के बीच झूलते तार और शॉर्ट सर्किट का खतरा
, तत्काल जर्जर खंभों को बदला जाए और तारों को सुरक्षित दूरी पर शिफ्ट किया जाए।
अब देखना यह होगा कि इस खबर के बाद प्रशासन और बिजली विभाग की तंद्रा टूटती है या फिर वार्डवासी इसी तरह मौत के साये में रहने को मजबूर रहेंगे।
