
भिलाई। श्री शंकराचार्य महाविद्यालय के डी.एल.एड. विभाग में प्रथम वर्ष एवं द्वितीय वर्ष के प्रशिक्षार्थियों की प्रायोगिक परीक्षाएं सफलतापूर्वक संपन्न हुईं। 8 मई से आयोजित इस तीन दिवसीय शैक्षणिक गतिविधि में विद्यार्थियों ने अपने कौशल और कठिन परिश्रम का प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनी और कौशल प्रदर्शन:
प्रथम वर्ष के छात्रों ने ‘कला एवं कार्य शिक्षा’ के अंतर्गत भव्य प्रदर्शनी लगाई, जिसमें मंडला आर्ट, आकर्षक फाइलें और नारियल-मौली धागे से निर्मित गणपति प्रतिमाओं ने सबका मन मोह लिया। वहीं, द्वितीय वर्ष के प्रशिक्षार्थियों ने अपने ‘शाला कार्य अनुभव’ और ‘लेसन प्लान’ के माध्यम से शिक्षण दक्षता का परिचय दिया। बाह्य परीक्षकों ने विद्यार्थियों की रचनात्मकता की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
मार्गदर्शन एवं निरीक्षण:
महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. अर्चना झा एवं अकादमिक डीन डॉ. जे. दुर्गा प्रसाद राव ने विद्यार्थियों के कार्यों का अवलोकन कर उन्हें उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया। संपूर्ण आयोजन डी.एल.एड. विभागाध्यक्ष डॉ. शिल्पा कुलकर्णी के मार्गदर्शन और डॉ. सुधा मिश्रा के विशेष सहयोग से सुव्यवस्थित ढंग से पूर्ण हुआ।
विदाई की यादगार स्मृतियां:
परीक्षा के अंतिम दिन का माहौल अत्यंत भावुक रहा। डी.एल.एड. द्वितीय वर्ष के प्रशिक्षार्थियों के लिए यह महाविद्यालय का अंतिम दिन था। इस अवसर पर सभी विद्यार्थियों और प्राध्यापकों का एक भव्य ग्रुप फोटो लिया गया। दो वर्षों के शैक्षणिक सफर के बाद, कॉलेज परिसर में बिताया गया यह अंतिम पल सभी के लिए एक अमूल्य और यादगार स्मृति बन गया।
परीक्षाओं के सफल समापन के साथ ही प्रशिक्षार्थियों ने अपने गुरुजनों का आभार व्यक्त किया और नम आंखों व सुनहरी यादों के साथ महाविद्यालय से विदा ली।



