छत्तीसगढ़ सरकार ने राज्य के निगम-मंडलों, स्वायत्त संस्थाओं और अनुदान प्राप्त संस्थानों में नई भर्तियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। सामान्य प्रशासन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जब तक संबंधित संस्थाएं अपने भर्ती नियम तैयार नहीं कर लेतीं, तब तक किसी भी प्रकार की नियुक्ति प्रक्रिया शुरू नहीं की जा सकेगी। सरकार ने पारदर्शिता, आरक्षण नियमों के पालन और भर्ती प्रक्रिया में एकरूपता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया है।
रायपुर 7 मई 2026। छत्तीसगढ़ सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और नियमबद्ध व्यवस्था लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए निगम-मंडलों, स्वायत्त संस्थाओं और अनुदान प्राप्त संस्थानों में नई भर्तियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि जब तक संबंधित संस्थान अपने विधिवत भर्ती नियम तैयार नहीं कर लेते, तब तक किसी भी प्रकार की नियुक्ति प्रक्रिया संचालित नहीं की जाएगी।
इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी विभाग प्रमुखों, राज्यपाल सचिवालय, मुख्यमंत्री सचिवालय, मुख्य सचिव कार्यालय, विधानसभा सचिवालय, हाईकोर्ट, महाधिवक्ता कार्यालय, लोक सेवा आयोग और कर्मचारी चयन मंडल को पत्र जारी कर विस्तृत निर्देश दिए हैं। आदेश में विशेष रूप से कहा गया है कि भर्ती नियम तैयार करते समय आरक्षण संबंधी सभी प्रावधानों का अनिवार्य रूप से पालन किया जाए।
सरकार ने साफ किया है कि यह आदेश उन सभी संस्थाओं पर लागू होगा, जहां राज्य सरकार की कम से कम 51 प्रतिशत हिस्सेदारी है या जो राज्य शासन से अनुदान प्राप्त करती हैं। इसके अलावा राज्य अधिनियमों के तहत गठित स्थानीय निकाय, कानूनी प्राधिकरण, विश्वविद्यालय, निगम, सहकारी समितियां तथा कार्यभारित और आकस्मिकता निधि से भुगतान प्राप्त करने वाले कार्यालय भी इस दायरे में आएंगे। हालांकि संविधान के अनुच्छेद 30 के अंतर्गत आने वाले अल्पसंख्यक संस्थानों को इस व्यवस्था से बाहर रखा गया है।
सरकार का मानना है कि कई संस्थानों में स्पष्ट भर्ती नियमों के अभाव में नियुक्तियों में अनियमितताओं और पारदर्शिता पर सवाल उठते रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए अब बिना भर्ती नियमों के किसी भी प्रकार की नियुक्ति को प्रतिबंधित कर दिया गया है। शासन ने कहा है कि एक समान और पारदर्शी चयन प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए भर्ती नियमों का होना अनिवार्य है।
आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि निगमों और मंडलों में कार्यरत कर्मचारियों पर अब Chhattisgarh Civil Services Conduct Rules 1965 तथा Classification Control and Appeal Rules 1966 प्रभावी रूप से लागू होंगे। इसके तहत कर्मचारियों के आचरण, अनुशासन और सेवा संबंधी मामलों में सिविल सेवा नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
नई व्यवस्था को लागू करने की जिम्मेदारी संबंधित प्रशासकीय विभागों को सौंपी गई है। शासन ने निर्देश दिया है कि जिन विभागों के अधीन निगम, मंडल या संस्थाएं आती हैं, वे स्वयं आदर्श भर्ती नियम तैयार कराएं। यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर नियम तैयार नहीं किए जाते हैं, तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की मानी जाएगी।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अब भर्ती नियमों की व्याख्या के लिए विभागों को बार-बार सामान्य प्रशासन विभाग से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी। प्रशासकीय विभाग स्वयं इस संबंध में सक्षम होंगे, हालांकि तैयार किए गए नियमों की प्रति सामान्य प्रशासन विभाग को अनिवार्य रूप से भेजनी होगी।

