
रायपुर, 26 अप्रैल 2026।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में रविवार को प्रस्तावित ‘स्ट्रेंजर मीटअप पार्टी’ को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पंजाब की एक इवेंट कंपनी द्वारा आयोजित किए जाने वाले इस कार्यक्रम के लिए न्यू राजेंद्र नगर स्थित एक कैफे में बुकिंग की गई थी, जिसे बाद में संचालक ने रद्द कर दिया।
बिना पूरी जानकारी के कराई गई थी बुकिंग
जानकारी के अनुसार, इवेंट कंपनी के प्रतिनिधियों ने कैफे प्रबंधन को कार्यक्रम की वास्तविक प्रकृति बताए बिना ही वेन्यू बुक कराया था। जब कैफे संचालक को ‘स्ट्रेंजर पार्टी’ के स्वरूप की जानकारी मिली, तो उन्होंने आयोजन से इंकार करते हुए बुकिंग निरस्त कर दी।
सोशल मीडिया पर इनविटेशन वायरल
वेन्यू रद्द होने के बावजूद, इस इवेंट का प्रचार सोशल मीडिया पर तेजी से जारी है। वायरल पोस्टर और वीडियो में युवाओं को अनजान लोगों से मिलने, डांस और इंटरैक्शन करते हुए दिखाया गया है। पोस्ट में “लास्ट 3 स्लॉट फ्री” और “वुमन्स बुकिंग हाउसफुल” जैसे संदेश भी प्रसारित हो रहे हैं।
क्या होती है ‘स्ट्रेंजर पार्टी’?
‘स्ट्रेंजर मीटअप पार्टी’ ऐसे आयोजन होते हैं, जिनमें एक-दूसरे से अनजान लोग शामिल होकर नए लोगों से परिचय बनाते हैं। इसमें स्पीड डेटिंग, आइस-ब्रेकिंग गेम्स, म्यूजिक और डांस जैसी गतिविधियां शामिल होती हैं। प्रतिभागियों के लिए अलग-अलग एंट्री फीस और थीम आधारित प्रवेश की व्यवस्था रहती है।
बजरंग दल का विरोध, कार्रवाई की मांग
सोशल मीडिया पर इवेंट के प्रचार के बाद बजरंग दल ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। संगठन के पदाधिकारियों ने इसे सामाजिक रूप से अनुचित बताते हुए पुलिस प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि इस प्रकार के आयोजनों के माध्यम से गलत गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है।
पुलिस की सख्ती के संकेत
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी संदिग्ध या नियमों के विरुद्ध आयोजित कार्यक्रम को अनुमति नहीं दी जाएगी। यदि मनाही के बावजूद आयोजन किया गया, तो संबंधित आयोजकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
गौरतलब है कि 17 सितंबर 2025 को रायपुर पुलिस ने एक कथित ‘न्यूड पार्टी’ आयोजन को लेकर कार्रवाई की थी। उस समय फार्महाउस में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम की एंट्री फीस 40 हजार से 1 लाख रुपए तक रखी गई थी।
‘स्ट्रेंजर मीटअप पार्टी’ को लेकर रायपुर में विवाद गहराता जा रहा है। एक ओर जहां आयोजक सोशल मीडिया के जरिए प्रचार में जुटे हैं, वहीं दूसरी ओर सामाजिक संगठनों का विरोध और प्रशासन की सख्ती इस आयोजन पर सवाल खड़े कर रही है। आने वाले समय में पुलिस की कार्रवाई इस पूरे मामले की दिशा तय करेगी।
