छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में चोरी के शक में एक युवक के साथ अमानवीय व्यवहार का मामला सामने आया है। उसे बेरहमी से पीटकर, कपड़े उतरवाकर और आधा सिर मुंडवाकर गांव में घुमाया गया। पीड़ित परिवार ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है।

सूरजपुर, । छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां चोरी के शक में एक युवक के साथ भीड़ ने बर्बरता की सारी हदें पार कर दीं। मामला नारायणपुर क्षेत्र के पस्ता इलाके का बताया जा रहा है, जहां कथित तौर पर गांव के लोगों ने एक युवक को पकड़कर उसकी बेरहमी से पिटाई की और फिर उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित किया।
जानकारी के अनुसार, युवक पर गांव में चोरी का शक जताया गया था। इसी शक के आधार पर कुछ लोगों ने उसे पकड़ लिया और बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के उसकी पिटाई शुरू कर दी। आरोप है कि युवक के कपड़े उतरवाए गए, उसका आधा सिर मुंडवा दिया गया और गले में चप्पलों की माला पहनाकर पूरे गांव में जुलूस निकाला गया। इस दौरान युवक की पत्नी को भी जबरन साथ घुमाया गया, जिससे पूरे घटनाक्रम ने और भी गंभीर रूप ले लिया।
बताया जा रहा है कि इस घटना के दौरान गांव के कई लोग मौजूद थे, जिनमें सरपंच पति सहित दर्जनों लोग शामिल थे। हैरानी की बात यह है कि इतने लोगों की मौजूदगी के बावजूद किसी ने इस अमानवीय कृत्य को रोकने की कोशिश नहीं की। घटना का वीडियो भी बनाए जाने की आशंका जताई जा रही है, जो अब चर्चा का विषय बनता जा रहा है।
पीड़ित युवक के परिजन इस घटना से बेहद आहत हैं और उन्होंने रामानुजनगर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई है। परिजनों का कहना है कि युवक को झूठे आरोप में फंसाकर उसके साथ क्रूर व्यवहार किया गया है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि शिकायत के आधार पर संबंधित लोगों की पहचान की जा रही है और जल्द ही आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज में बढ़ती भीड़तंत्र की मानसिकता को भी उजागर करती है। किसी भी व्यक्ति को अपराधी साबित करने का अधिकार केवल न्यायालय को है, लेकिन इस तरह की घटनाएं दिखाती हैं कि लोग कानून को अपने हाथ में लेने से नहीं हिचक रहे हैं।
