बिलासपुर | विशेष रिपोर्ट
राज्य की नई आबकारी नीति को लेकर दाखिल याचिका पर हाईकोर्ट से सरकार को बड़ी राहत मिली है। अदालत ने स्टे एप्लिकेशन को खारिज करते हुए फिलहाल नीति के क्रियान्वयन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। इस फैसले के बाद राज्य सरकार के लिए नई नीति को जारी रखने का रास्ता साफ हो गया है।
🔹 प्रारंभिक सुनवाई में नहीं मिली रोक
मामले की सुनवाई हाईकोर्ट की सिंगल बेंच में हुई, जहां याचिकाकर्ताओं ने नई आबकारी नीति में कई खामियों की ओर ध्यान दिलाया। खासतौर पर प्लास्टिक (PET) बोतलों में शराब बिक्री को लेकर गंभीर आपत्तियां जताई गईं।
याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि:
- इससे पर्यावरण को नुकसान हो सकता है
- शराब की गुणवत्ता और नियंत्रण पर असर पड़ सकता है
हालांकि, कोर्ट ने प्रारंभिक सुनवाई में इन दलीलों को पर्याप्त नहीं माना और कहा कि प्रथम दृष्टया नीति में ऐसी कोई खामी नहीं दिखती, जिससे तत्काल रोक लगाई जाए।
⚖️ नीति निर्माण सरकार का अधिकार
अदालत ने स्पष्ट किया कि:
नीति निर्माण सरकार का विशेषाधिकार है, और जब तक उसमें स्पष्ट रूप से कानून का उल्लंघन या गंभीर अनियमितता साबित नहीं होती, तब तक न्यायालय हस्तक्षेप नहीं करेगा।
राज्य सरकार की ओर से दलील दी गई कि:
- नीति व्यापक विचार-विमर्श और विशेषज्ञों की राय के बाद बनाई गई है
- इसका उद्देश्य राजस्व बढ़ाना और वितरण प्रणाली को पारदर्शी बनाना है
- प्लास्टिक बॉटलिंग विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखकर लागू की गई है
🍾 PET बोतलों को लेकर सरकार का पक्ष
सरकार के अनुसार नई व्यवस्था के फायदे:
- कांच की बोतलों के टूटने से होने वाले नुकसान में कमी
- परिवहन प्रक्रिया अधिक सुरक्षित और आसान
- नकली/मिलावटी शराब पर नियंत्रण
- PET बोतलों को दोबारा सील करना मुश्किल, जिससे छेड़छाड़ कम होगी
💰 1500 करोड़ अतिरिक्त राजस्व का अनुमान
राज्य सरकार को उम्मीद है कि नई आबकारी नीति से:
- करीब ₹1500 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा
- सस्ती देशी शराब उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी
📅 अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद
हालांकि कोर्ट ने याचिका को खारिज नहीं किया है। मामले की अगली सुनवाई दो सप्ताह बाद तय की गई है। इसका मतलब है कि इस मुद्दे पर अंतिम फैसला अभी आना बाकी है।
📌 निष्कर्ष
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद फिलहाल राज्य में नई आबकारी नीति लागू रहेगी। हालांकि, प्लास्टिक बोतलों में शराब बिक्री को लेकर उठे सवालों पर आगे की सुनवाई में विस्तृत बहस होने की संभावना है।



