अंबिकापुर सेंट्रल जेल में एक कैदी को नियमों के विरुद्ध विशेष सुविधाएं देने का मामला सामने आया है। जांच के बाद दो जेल प्रहरियों को निलंबित कर दिया गया है और जेल प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

अंबिकापुर 28 मार्च 2026। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर स्थित सेंट्रल जेल में कैदियों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। एक कैदी को नियमों के विरुद्ध विशेष सुविधाएं दिए जाने का खुलासा होने के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। इस मामले ने जेल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, संबंधित कैदी को जेल के अस्पताल वार्ड में भर्ती कराया गया था। इसके लिए एक डॉक्टर द्वारा गंभीर बीमारी का प्रमाण पत्र जारी किया गया था। हालांकि, जांच के दौरान यह सामने आया कि इस सुविधा का दुरुपयोग किया जा रहा था। कैदी को अस्पताल वार्ड में रखने के नाम पर उसे कई तरह की अतिरिक्त सुविधाएं दी जा रही थीं, जो सामान्यतः किसी भी कैदी को उपलब्ध नहीं होती हैं।
सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि कैदी के परिजनों को जेल वार्ड में अटेंडेंट के रूप में रहने की अनुमति दे दी गई थी। इतना ही नहीं, उन्हें मोबाइल फोन, घर का बना खाना और यहां तक कि मिनरल वाटर तक अंदर ले जाने की छूट मिली हुई थी। यह सब जेल के नियमों के खिलाफ है, जहां सुरक्षा और अनुशासन सर्वोपरि होता है।
मामले की शिकायत मिलने के बाद जेल अधीक्षक अक्षय सिंह राजपूत ने स्वयं निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं। बताया जा रहा है कि निरीक्षण के समय जेल वार्ड का ताला भी खुला मिला, जो सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक को दर्शाता है।
जांच के बाद तत्काल प्रभाव से कैदी के परिजनों को दी गई सभी विशेष सुविधाओं पर रोक लगा दी गई है। साथ ही ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले दो जेल प्रहरियों को निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि इस मामले में आगे और भी कार्रवाई हो सकती है।
इस घटना ने एक बार फिर जेल प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह पहला मामला नहीं है जब जेल के भीतर नियमों की अनदेखी सामने आई हो। इससे पहले भी विभिन्न जेलों में इस तरह की शिकायतें सामने आती रही हैं, जहां कुछ कैदियों को विशेष सुविधाएं मिलने के आरोप लगते रहे हैं।

