
दुर्ग, 13 मार्च 2026।
भारती विश्वविद्यालय, दुर्ग के रसायन विज्ञान विभाग द्वारा “पॉलीहर्बल हैंड सैनिटाइज़र फॉर्मुलेशन” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम मॉडल कॉलेज, धनोरा (दुर्ग) के रसायन विज्ञान विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. संदीप कुमार ने विशेष आमंत्रित वक्ता के रूप में विद्यार्थियों को महत्वपूर्ण जानकारी दी।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के भट्ठ सर, रसायन विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. प्रतिभा एस. कुरुप, डीन ऑफ साइंस डॉ. नीतू श्रीवास्तव, डॉ. राजश्री तथा विज्ञान संकाय के अन्य प्राध्यापकगण उपस्थित रहे।
कार्यशाला के दौरान डॉ. संदीप कुमार ने विद्यार्थियों को हर्बल हैंड सैनिटाइज़र के वैज्ञानिक सिद्धांत, औषधीय गुणों तथा उसके निर्माण की विधि के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि नीम, तुलसी और नींबू जैसे प्राकृतिक औषधीय पौधों में पाए जाने वाले फाइटोकेमिकल्स में एंटीमाइक्रोबियल, एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण होते हैं, जो त्वचा की सुरक्षा करते हुए हानिकारक सूक्ष्मजीवों को नष्ट करने में सहायक होते हैं।
कार्यक्रम के व्यावहारिक सत्र में विद्यार्थियों को हर्बल हैंड सैनिटाइज़र बनाने की पूरी प्रक्रिया का प्रत्यक्ष प्रदर्शन कराया गया। इस दौरान विद्यार्थियों ने स्वयं सैनिटाइज़र तैयार कर उसकी गुणवत्ता, उपयोगिता तथा निर्माण की वैज्ञानिक प्रक्रिया को समझा।
इस कार्यशाला में विश्वविद्यालय के लगभग 200 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को प्राकृतिक उत्पादों के वैज्ञानिक उपयोग, स्वच्छता के महत्व तथा अनुसंधान के प्रति जागरूक करना था।
कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय के अधिकारियों, प्राध्यापकों और विद्यार्थियों ने डॉ. संदीप कुमार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएँ विद्यार्थियों को प्रयोगात्मक ज्ञान प्रदान करने के साथ-साथ शोध गतिविधियों के लिए प्रेरित करती हैं।
