
डिजिटल साक्ष्यों और बयानों के आधार पर ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई
रायपुर, 24 फरवरी 2026। जिला खनिज न्यास (DMF) से जुड़े बहुचर्चित प्रकरण में जांच एजेंसी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी अनिल टुटेजा को विधि अनुसार गिरफ्तार कर लिया है। अपराध क्रमांक 02/2024 के तहत दर्ज इस मामले में विस्तृत विवेचना के बाद यह गिरफ्तारी की गई।
डिजिटल साक्ष्यों में मिली गंभीर अनियमितताओं के संकेत
ब्यूरो के अनुसार, जांच के दौरान प्राप्त डिजिटल साक्ष्य, दस्तावेजों और विभिन्न व्यक्तियों के कथन/बयानों के विश्लेषण में प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिले हैं।

विवेचना में सामने आया है कि आरोपी ने DMF निधि से संबंधित विभिन्न कार्यों में अपने परिचित व्यक्तियों एवं फर्मों को कथित रूप से कमीशन या प्रतिफल लेकर लाभ पहुंचाने में भूमिका निभाई।
कार्य आवंटन प्रक्रिया प्रभावित करने का आरोप
जांच एजेंसियों का दावा है कि कार्य आवंटन और कार्य दिलवाने की प्रक्रिया में आरोपी सक्रिय रूप से शामिल रहा। आरोप है कि अपने प्रभाव और नेटवर्क का उपयोग कर DMF मद के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों को चुनिंदा फर्मों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने अपने रिश्तेदारों और निकट संबंधियों के माध्यम से कमीशन आधारित गतिविधियां संचालित कीं। इन माध्यमों से विभिन्न फर्मों को DMF फंड से जुड़े कार्य दिलवाने और आवंटन प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया गया।
अलग-अलग जिलों में समान गतिविधियों के संकेत
उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यह संकेत मिले हैं कि अलग-अलग जिलों में DMF निधि से जुड़े कार्यों में इसी प्रकार की गतिविधियां संचालित की जा रही थीं।
ब्यूरो ने बताया कि शासकीय धन के दुरुपयोग, आपराधिक षड्यंत्र और भ्रष्ट आचरण से संबंधित संज्ञेय अपराध प्रथम दृष्टया स्थापित पाए गए हैं।
26 फरवरी तक पुलिस रिमांड
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहां से 26 फरवरी 2026 तक पुलिस रिमांड की अनुमति दी गई है। रिमांड अवधि के दौरान वित्तीय लेन-देन, डिजिटल ट्रेल और अन्य संभावित संलिप्तताओं की गहन जांच की जाएगी।
जांच जारी, आगे हो सकती है और कार्रवाई
ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि प्रकरण की विवेचना जारी है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

