
धमतरी, 19 फरवरी 2026।
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में विद्युत उपकेंद्र संचालन को लेकर विवाद गहरा गया है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) के अंतर्गत कुरूद संभाग के 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्रों में कार्यरत ऑपरेटरों ने ठेका कंपनी देवश्री एग्रोटेक प्राइवेट लिमिटेड पर मानसिक प्रताड़ना और शोषण के गंभीर आरोप लगाए हैं।
ऑपरेटरों के अनुसार, 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र कातलबोड़ में पदस्थ एक कर्मचारी ने अपने नियुक्ति पत्र में उल्लिखित मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की थी। आरोप है कि सुविधाएं उपलब्ध कराने के बजाय संबंधित ऑपरेटर पर दबाव बनाया गया और कार्यस्थल पर भय का वातावरण तैयार किया गया।
बताया गया है कि 16 फरवरी 2026 को उक्त ऑपरेटर को उसके स्थायी पद — 33/11 केवी उपकेंद्र कातलबोड़ — से हटाकर लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित उपकेंद्र हसदा में “रिलीवर ऑपरेटर” के रूप में पदस्थ कर दिया गया। कर्मचारियों का कहना है कि उसे दोनों उपकेंद्रों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जो व्यवहारिक रूप से कठिन और मानसिक दबाव बढ़ाने वाला कदम है।
ऑपरेटरों का आरोप है कि यह कार्रवाई अन्य कर्मचारियों को हतोत्साहित करने और सुविधाओं की मांग दबाने की नीयत से की गई है। कर्मचारियों ने बताया कि नियुक्ति शर्तों के अनुसार सुरक्षा उपकरण, स्टेशनरी, आधिकारिक मोबाइल, यूनिफॉर्म और पहचान पत्र उपलब्ध कराए जाने थे, लेकिन अब तक ये सुविधाएं नहीं दी गई हैं।
कर्मचारियों का कहना है कि विद्युत उपकेंद्र अत्यंत संवेदनशील और जोखिमपूर्ण कार्यस्थल होते हैं। सुरक्षा संसाधनों की अनुपलब्धता से किसी भी समय गंभीर दुर्घटना हो सकती है। साथ ही, निजी खर्च पर सामग्री खरीदने का दबाव नियुक्ति शर्तों के विरुद्ध है।
ऑपरेटरों ने चेतावनी दी है कि यदि सुरक्षा उपकरण और आवश्यक संसाधन उपलब्ध नहीं कराए गए तो इससे कर्मचारियों की मानसिक स्थिति के साथ-साथ 24 घंटे की निर्वाध विद्युत आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है।
कर्मचारियों ने प्रशासन और विभागीय अधिकारियों से मांग की है कि रिलीवर ऑपरेटर के रूप में की गई पदस्थापना को तत्काल निरस्त किया जाए तथा संबंधित कर्मचारी को पुनः कातलबोड़ उपकेंद्र में पदस्थ किया जाए। साथ ही पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर ठेका कंपनी के विरुद्ध उचित विभागीय कार्रवाई की जाए।

