
दुर्ग। राज्य के दूसरे सैनिक स्कूल को लेकर दुर्ग जिले में जगी उम्मीदों पर फिलहाल विराम लग गया है। जिस सौगात को दुर्ग के लिए लगभग तय माना जा रहा था, वह अब धमतरी के हिस्से में चली गई है। ताजा प्रशासनिक पत्राचार के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि नया सैनिक स्कूल धमतरी जिले में स्थापित किया जाएगा।
हाल ही में दुर्ग के सांसद Vijay Baghel ने सार्वजनिक रूप से दावा किया था कि उनकी पहल पर रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने दुर्ग में नए सैनिक स्कूल को स्वीकृति दी है। इस घोषणा के बाद जिले में उत्साह का माहौल बन गया था। अभिभावकों और विद्यार्थियों के बीच यह उम्मीद जगी थी कि उन्हें अब सैन्य शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।
हालांकि, लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को भेजे गए पत्र में साफ किया गया है कि राज्य का दूसरा सैनिक स्कूल अब Dhamtari में खोला जाएगा। बताया गया है कि यह निर्णय धमतरी कलेक्टर द्वारा भेजे गए प्रस्ताव के आधार पर लिया गया, जिसमें पर्याप्त भूमि उपलब्धता और जिले में निवासरत सैनिक परिवारों की संख्या को प्रमुख आधार बनाया गया है।
गौरतलब है कि वर्तमान में प्रदेश का एकमात्र सैनिक स्कूल Ambikapur में संचालित है। ऐसे में दुर्ग में दूसरे सैनिक स्कूल की संभावना को लेकर बस्तर संभाग सहित आसपास के जिलों के विद्यार्थियों को उच्च स्तरीय सैन्य शिक्षा मिलने की उम्मीद थी। यदि दुर्ग में यह संस्थान खुलता तो मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ के छात्रों को विशेष लाभ मिल सकता था।
अब धमतरी में स्कूल खुलने से वहां के विद्यार्थियों को सीधा फायदा मिलेगा, वहीं दुर्ग जिले की बहुप्रतीक्षित सौगात फिलहाल अधूरी रह गई है। जिलेवासियों की नजरें अब भविष्य की संभावनाओं और सरकार की अगली पहल पर टिकी हैं।

