
सेवा नियमों की अनदेखी पड़ी भारी: नेटवर्क मार्केटिंग और नियमित बीएड के आरोप में दो शिक्षिकाएं निलंबित
दुर्ग /जिला शिक्षा विभाग दुर्ग ने कर्तव्यहीनता और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियमों के उल्लंघन के गंभीर मामलों में दो शिक्षिकाओं को निलंबित कर दिया है। विभागीय जांच में आरोपों की पुष्टि होने के बाद यह सख्त कार्रवाई की गई।जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) अरविंद मिश्रा के आदेशानुसार विकासखंड धमधा अंतर्गत पूर्व माध्यमिक शाला गोरपा की प्रधान पाठक कल्पना सेन के विरुद्ध नेटवर्क मार्केटिंग कंपनी से जुड़कर व्यवसायिक गतिविधियां संचालित करने की शिकायत मिली थी।
जांच में पाया गया कि वे नेटवर्क मार्केटिंग, चिटफंड एवं हर्बल उत्पादों की बिक्री में सक्रिय थीं। बीईओ धमधा द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन, दस्तावेजों तथा वीडियो/फोटोग्राफ साक्ष्यों के परीक्षण के बाद शिकायत सही पाई गई।वहीं शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला दारगांव, विकासखंड धमधा की शिक्षिका त्रिवेणी गोस्वामी (शिक्षक एलबी) के विरुद्ध भी सेवा नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आया। जांच में पुष्टि हुई कि उन्होंने सत्र 2014-15 में शासकीय सेवा में नियमित रूप से कार्यरत रहते हुए भिलाई स्थित नायर समाजम कॉलेज, सेक्टर-8 में नियमित बीएड पाठ्यक्रम में प्रवेश लेकर परीक्षा उत्तीर्ण की।
विभाग द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस के जवाब में शिक्षिका ने एक ही वर्ष में सेवा के साथ नियमित बीएड पूर्ण करना स्वीकार किया।विभाग ने स्पष्ट किया है कि शासकीय सेवक बिना सक्षम अनुमति किसी प्रकार की व्यवसायिक गतिविधि या नियमित शैक्षणिक पाठ्यक्रम में संलिप्त नहीं हो सकता। दोनों शिक्षिकाओं के विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई करते हुए आगे विभागीय जांच की प्रक्रिया जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई को अनुशासन और पारदर्शिता की दिशा में सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

