
जांजगीर। छत्तीसगढ़ के जांजगीर जिले के धरदेई गांव में हृदयविदारक घटना सामने आई है। बेटे की मौत के गहरे सदमे में पति-पत्नी ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या से पहले दोनों ने व्हाट्सएप स्टेटस पर लिखा था कि बेटे के बाद अब वे भी इस दुनिया को छोड़कर जा रहे हैं। घटना के बाद पूरे गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।
मिली जानकारी के अनुसार, रमाबाई पटेल और उनके पति कृष्णा पटेल अपने घर में फांसी के फंदे पर लटके मिले। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर आसपास के लोगों को संदेह हुआ। ग्रामीणों ने खिड़की से झांककर देखा तो दंपति फंदे पर झूलते दिखाई दिए। इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
बताया जा रहा है कि करीब एक साल पहले उनके इकलौते बेटे की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। जवान बेटे की असमय मौत के बाद से दोनों गहरे सदमे में थे और मानसिक रूप से काफी व्यथित रहते थे। परिजनों का कहना है कि बेटे की याद में वे अक्सर परेशान रहते थे और समाज से भी कम मेलजोल रखते थे। आशंका जताई जा रही है कि लंबे समय से चले आ रहे मानसिक आघात के कारण उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठाया।
मामले को लेकर जिले के पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय ने बताया कि सालभर पहले सड़क दुर्घटना में दंपति के इकलौते बेटे की मौत हो गई थी, जिसके बाद वे तनाव में रहते थे। आत्महत्या से पहले उन्होंने व्हाट्सएप स्टेटस में दुनिया छोड़ने की बात लिखी थी। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मर्ग कायम कर हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि हो सकेगी।
घटना के बाद से गांव में शोक की लहर है और परिजन गहरे सदमे में हैं।


