दुर्ग गैंगरेप केस: ‘ऑन ड्यूटी सीजी गवर्नमेंट’ लिखी गाड़ियों से नाबालिग को ले जाते थे रेस्ट हाउस, 7 आरोपी जेल में

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दुर्ग-भिलाई |
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पीडब्ल्यूडी में नौकरी दिलाने के नाम पर नाबालिग से कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले में जांच के दौरान चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। पुलिस ने दो ऐसी गाड़ियां जब्त की हैं, जिनका इस्तेमाल वारदात के लिए किया गया था। इनमें से एक वाहन पर ‘ऑन ड्यूटी सीजी गवर्नमेंट’ लिखा हुआ था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी भीमनारायण पांडेय (बीएन पांडेय) और संजय पंडित ने 13 फरवरी को कोर्ट में सरेंडर किया था। कोर्ट की अनुमति के बाद दोनों को दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त कार (CG-07-AU-352) और इंडिगो कार (CG-07-AT-7047) जब्त की गई। साथ ही ओप्पो कंपनी के दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।

रेस्ट हाउस में कराई गई वीडियोग्राफी
पुलिस टीम आरोपियों को दुर्ग रेस्ट हाउस, पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस और उतई रेस्ट हाउस समेत अन्य स्थानों पर लेकर पहुंची, जहां घटनास्थलों का पुनः निरीक्षण कराया गया। गवाहों की मौजूदगी में पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी की गई और महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए गए।
दो दिन की रिमांड पूरी होने के बाद 15 फरवरी को दोनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में केंद्रीय जेल भेज दिया गया। इस मामले में अब तक कुल सात आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

सात वर्षों तक शोषण का आरोप
पीड़िता ने महिला थाने में दर्ज शिकायत में आरोप लगाया है कि वर्ष 2018 से उसके साथ लगातार शारीरिक शोषण होता रहा। वह अप्रैल 2018 में अपनी मां के साथ बिलासपुर से दुर्ग आई थी। मां को पीडब्ल्यूडी क्वार्टर में काम दिलाया गया, जहां आरोपी गोविंद सिंह ठाकुर और अन्य ने कथित रूप से पहली बार दुष्कर्म किया।
पीड़िता के अनुसार, बाद में नौकरी का झांसा देकर उसे विभिन्न रेस्ट हाउस और अन्य स्थानों पर बुलाया जाता रहा। आरोप है कि दबाव बनाने के लिए आपत्तिजनक फोटो और वीडियो बनाए गए तथा वायरल करने की धमकी दी जाती थी।

लॉकडाउन के बाद फिर शुरू हुआ दबाव
साल 2020 में लॉकडाउन के दौरान मां-बेटी बिलासपुर लौट गई थीं। वर्ष 2023 में दोबारा संपर्क कर नौकरी का प्रस्ताव दिया गया और कथित तौर पर फिर से शोषण का सिलसिला शुरू हुआ। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि छुट्टियों के दिनों में उसे बुलाकर दुष्कर्म किया जाता था।

मंगेतर के समर्थन से दर्ज कराई शिकायत
पीड़िता की शादी तय होने के बाद आरोपियों द्वारा कथित रूप से दबाव और धमकी बढ़ाई गई। अंततः पीड़िता ने अपने मंगेतर को पूरी बात बताई। उसके समर्थन से उसने महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस का कहना है कि मामले में इलेक्ट्रॉनिक और दस्तावेजी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं तथा जांच जारी है। अधिकारियों के अनुसार, यदि जांच में और नाम सामने आते हैं तो कार्रवाई की जाएगी।

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