
संकुल मीटिंग का झूठा बहाना, प्राचार्य घर में आराम! अब 3 दिन में जवाब नहीं तो कार्रवाई तय
कसडोल विकासखंड में शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है। शासकीय प्राथमिक शाला जोगीडीपा के प्राचार्य कंश राम ठाकुर पर गंभीर आरोप लगने के बाद विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) अरविंद ध्रुव ने कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है।

आरोप है कि 4 फरवरी 2026 को प्राचार्य ने संकुल समन्वयक बैठक का हवाला देकर स्कूल से अनुपस्थित रहकर घर चले गए, जबकि उस दिन किसी भी प्रकार की बैठक आयोजित ही नहीं हुई थी। मामला मीडिया में लगातार सुर्खियों में आने के बाद विभाग हरकत में आया और जांच के बाद यह बड़ी कार्रवाई की गई।
जांच में खुलासा – बैठक थी ही नहीं जारी नोटिस में स्पष्ट उल्लेख किया गया है कि 04.02.2026 को संकुल बैठक आयोजित नहीं हुई थी। इसके बावजूद प्राचार्य ने झूठी जानकारी देकर अपने कर्तव्यों से दूरी बनाई। वहीं उसी दिन स्कूल के सहायक शिक्षक महेश्वर कुमार जायसवाल मिनीमाता शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कसडोल में आयोजित बालवाड़ी प्रशिक्षण में उपस्थित थे, जिससे पूरे मामले की सच्चाई सामने आ गई।
नियमों का उल्लंघन, विभाग की छवि पर असरशिक्षा विभाग ने इस कृत्य को शासकीय सेवक के पदीय दायित्वों के विपरीत आचरण माना है। नोटिस में कहा गया है कि यह छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 का उल्लंघन है। साथ ही इस तरह की लापरवाही से विभाग की छवि धूमिल होने और शिक्षा गुणवत्ता अभियान की अनदेखी होने की बात भी कही गई है।
3 दिन का अल्टीमेटम BEO ने प्राचार्य को तीन दिवस के भीतर स्वयं उपस्थित होकर साक्ष्य सहित स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उच्च कार्यालय को अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव भेजने की चेतावनी दी गई है।📢
अब सबकी निगाहें प्राचार्य के जवाब और विभागीय कार्रवाई पर टिकी हैं। क्या होगा अगला कदम?

