
दुर्ग-भिलाई | 12 फरवरी 2026
दुर्ग जिले के ग्राम कोलिहापुरी स्थित एक फार्म हाउस को लेकर विवाद गहरा गया है। जमीन पर बने निर्माण ढांचों को नुकसान पहुंचाने, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। शिकायतकर्ता का दावा है कि छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के स्थगन आदेश (स्टे) के बावजूद संपत्ति पर तोड़फोड़ की गई।
पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर दावा
वर्धमान नगर शनिचरी बाजार निवासी सुनील जैन (56) ने शिकायत दर्ज कराई है। उनके अनुसार ग्राम कोलिहापुरी की उक्त जमीन गीता देवी चंद्राकर, प्रहलाद चंद्राकर, मोहन चंद्राकर, हिमकर, परमेश्वर, हेमलाल चंद्राकर और संजय के नाम दर्ज है।
सुनील जैन का कहना है कि गीता बाई और प्रहलाद चंद्राकर ने उन्हें वसीयतनामा एवं आम मुख्तयारनामा (पावर ऑफ अटॉर्नी) के माध्यम से अधिकृत किया है। वहीं, मोहन चंद्राकर, हेमलाल चंद्राकर और चितरेखा चंद्राकर द्वारा बिक्री इकरारनामा किए जाने और रकम प्राप्त होने का भी उल्लेख शिकायत में किया गया है।
बताया गया है कि जमीन पर तीन बड़े भवन, दो गोदाम, एक गौशाला और एक पानी की टंकी निर्मित है।
तोड़फोड़ की सूचना पर पहुंचे मौके पर
घटना 12 फरवरी 2026 की दोपहर करीब 1 बजे की बताई जा रही है। सुनील जैन को रमा साहू से सूचना मिली कि कुछ लोग निर्माण ढांचे को तोड़ रहे हैं। सूचना मिलते ही वे रमा साहू और लगन जैन के साथ मौके पर पहुंचे।
एफआईआर के अनुसार, नेहरू नगर निवासी अमित चंद्राकर और उनके साथियों को भवन तोड़ते देखा गया। रोकने का प्रयास करने पर विवाद बढ़ गया।
मारपीट और धमकी का आरोप
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि अमित चंद्राकर ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी और हाथ-मुक्कों व किसी ठोस वस्तु से मारपीट की। इस दौरान सुनील जैन के बाएं गाल, पैर और कंधे में चोट आई। रमा साहू और लगन जैन को घटना का प्रत्यक्षदर्शी बताया गया है।
पूर्व सांसद से जुड़ा बताया जा रहा फार्म हाउस
जानकारी के अनुसार विवादित फार्म हाउस दुर्ग के पूर्व सांसद रहे चंदूलाल चंद्राकर से संबंधित बताया जा रहा है, जो वर्तमान में उनके परिजनों के नाम पर दर्ज है। इस कारण मामला राजनीतिक और सामाजिक रूप से संवेदनशील माना जा रहा है।
पुलिस जांच जारी
पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर लिया है और आरोपियों व प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि दस्तावेजों, न्यायालयीन आदेश और स्थल निरीक्षण के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

