
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के भिलाई सेक्टर-8 में 10 फरवरी की शाम एक दर्दनाक घटना सामने आई। यहां रहने वाली 50 वर्षीय शिक्षिका रजनी देवांगन ने कथित तौर पर खुद को आग लगाकर आत्महत्या कर ली। उनका जला हुआ शव घर के बाथरूम में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई।

बताया जा रहा है कि रजनी अपने घर पर पहली से बारहवीं तक के बच्चों को ट्यूशन पढ़ाती थीं। रोज की तरह बच्चे ट्यूशन के लिए पहुंचे, लेकिन काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला। आवाज लगाने पर भी अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसी दौरान घर के भीतर से धुआं निकलता देख पड़ोसियों ने डायल-112 को सूचना दी।
मौके पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम
सूचना मिलते ही पुलिस और डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची। बाथरूम के अंदर आग लगी हुई थी और एक महिला का शव बुरी तरह जला हुआ मिला। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी और CSP सहित फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची और जांच शुरू की गई।

सुसाइड नोट में खुद को ठहराया जिम्मेदार
पुलिस जांच के दौरान घर से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। इसमें रजनी ने लिखा है, “मैं शारीरिक परेशानी की वजह से यह कदम उठा रही हूं। इसकी जिम्मेदार मैं स्वयं हूं।” हालांकि पुलिस ने सुसाइड नोट की पूरी सामग्री सार्वजनिक नहीं की है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
परिवार की आर्थिक स्थिति थी सामान्य
जानकारी के मुताबिक रजनी देवांगन के परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य थी। उनके पति निजी कंपनी में इंजीनियर हैं। बेटा डॉक्टर है, जबकि बेटी रायपुर में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है। घटना के समय घर पर कोई अन्य सदस्य मौजूद नहीं था।
