गलत जानकारी देकर आरईआरए से छूट लेना पड़ा महंगा: पंचम कॉलोनी के प्रमोटरों पर 10 लाख का जुर्माना

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रायपुर, 5 फरवरी 2026।
छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (सीजी आरईआरए) ने रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट, 2016 के गंभीर उल्लंघन के मामले में सख्त कार्रवाई करते हुए पंचम कॉलोनी परियोजना के प्रमोटरों पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह दंड अधिनियम की धारा 3 के उल्लंघन पर धारा 59 के तहत लगाया गया है।
छत्तीसगढ़ आरईआरए बनाम पंचम कॉलोनी मामले में पारित आदेश के अनुसार, यह परियोजना ग्राम पेंड्रा, जिला जीपीएम में स्थित है, जिसके प्रवर्तक श्री पंचम केशरी, श्री मनीष केशरी, श्रीमती रजनी केशरी और श्री निधिश केशरी हैं। प्राधिकरण ने पाया कि प्रमोटरों ने आरईआरए पंजीकरण से छूट प्राप्त करने के लिए जानबूझकर भ्रामक और गलत जानकारी प्रस्तुत की।
जांच में यह स्पष्ट हुआ कि पंचम कॉलोनी वास्तव में एक आवासीय हाउसिंग प्रोजेक्ट थी, लेकिन प्रमोटरों ने इसे गलत तरीके से प्लॉटेड डेवलपमेंट बताकर पेश किया। पूर्व कार्यवाही में, प्रमोटरों ने वर्ष 2016 में सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी किए गए कथित पूर्णता प्रमाण पत्र के आधार पर आरईआरए पंजीकरण से छूट हासिल कर ली थी।
हालांकि, एक आवंटी द्वारा शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद मामले की दोबारा सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान यह तथ्य सामने आया कि उसी विकास क्षेत्र में प्रमोटरों ने वैध भवन निर्माण अनुमतियाँ प्राप्त की थीं, आवासीय इकाइयों का निर्माण किया था और उन्हें खरीदारों को बेचा भी था। इससे यह सिद्ध हो गया कि प्रमोटरों ने झूठे बयानों के जरिए प्राधिकरण को गुमराह किया और अनुचित लाभ प्राप्त किया।
अपने आदेश में सीजी आरईआरए ने कहा कि गलत जानकारी देकर अधिनियम के प्रावधानों से छूट लेना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि यह घर खरीदारों के विश्वास के साथ भी गंभीर धोखाधड़ी है।
प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया कि रियल एस्टेट क्षेत्र में पारदर्शिता, सत्य का पूर्ण खुलासा और कानून का कड़ाई से पालन अनिवार्य है। आरईआरए कानून से बचने या उसे दरकिनार करने का कोई भी प्रयास घर खरीदारों के अधिकारों की रक्षा के उद्देश्य से सख्त कानूनी कार्रवाई को आमंत्रित करेगा।

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