
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में होमगार्ड महिला की हत्या के मामले में अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश पंकज सिन्हा की अदालत ने आरोपी आरक्षक पति सोहन राम साहू को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही आरोपी पर अर्थदंड भी लगाया गया है।
चरित्र शंका बना हत्या की वजह
मामले में सामने आया कि आरोपी सोहन राम साहू ने अपनी पत्नी ओमिका ध्रुव, जो कि होमगार्ड में पदस्थ थीं, पर चरित्र को लेकर संदेह किया। इसी शक के चलते उसने जुलाई 2025 में पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर दी थी। इस जघन्य वारदात से इलाके में उस समय सनसनी फैल गई थी।

जुलाई 2025 में दर्ज हुआ था मामला
घटना के बाद 12 जुलाई 2025 को पांडूका थाना में हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्परता से विवेचना शुरू की और सभी आवश्यक साक्ष्य एकत्र कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।
अभियोजन पक्ष ने पेश किए ठोस सबूत
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पुख्ता साक्ष्य और महत्वपूर्ण गवाह प्रस्तुत किए गए। गवाहों के बयान और उपलब्ध सबूतों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी माना।
8 माह में सुनाया गया फैसला
विशेष न्यायाधीश की अदालत ने करीब 8 माह के भीतर मामले का निपटारा करते हुए आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि यह अपराध गंभीर और निंदनीय है, जिसमें किसी भी प्रकार की नरमी नहीं बरती जा सकती।
