
दुर्ग। व्यवसायिक परीक्षा मण्डल रायपुर द्वारा आज फरवरी को दो पालीयों में आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) में दुर्ग जिले में प्रथम पाली में प्राथमिक विद्यालय हेतु शिक्षक पात्रता परीक्षा में कुल 12096 परीक्षार्थियों में से 9129 परीक्षार्थी उपस्थित रहें तथा 2967 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे यह जानकारी देते हुये दुर्ग जिले के व्यापम परीक्षा के समन्वयक एवं शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय दुर्ग, के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार सिंह ने बताया की शाम की पाली में कुल 26171 परीक्षार्थियों में से 21452 परीक्षार्थी उपस्थित रहे तथा 4719 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल नही हुये डॉ. सिंह ने बताया की व्यापम के निदेशानुसार प्रत्येक केन्द्र में पुलिस कर्मियों द्वारा परीक्षार्थियों की सघन जांच एवं जैमर की व्यवस्था की गई थी इसके अतिरिक्त प्रत्येक परीक्षा केन्द्र में नोडल अधिकारी द्वारा नियुक्त परिवेक्षक एवं समन्वय केन्द्र द्वारा नियुक्ति परिवेक्षक पुरी परीक्षा अवधि के दौरान उपस्थित रहे डॉ. सिंह ने बताया की सभी परीक्षा केन्द्रों में परीक्षा शांति पूर्वक संम्पन्न हुई।
सहायक समन्वयक डॉ. अभिनेष सुराना के अनुसार आज प्रातः कालिन परीक्षा में महिला परीक्षार्थियों की संख्या अधिक थी, प्रत्येक परीक्षा केन्द्र में इस बात का कढ़ाई से पालन किया गया की व्यापम द्वारा निधारित वेशभूषा एवं चप्पल पहनकर ही परीक्षा केन्द्र में प्रवेश दिया गया। अनेक महिला परीक्षार्थियों द्वारा कांन में आभूषण पहने जाने के कारण परीक्षा केन्द्र में उन्हे आभूषण पृथक करने के निर्देश दिये गये परीक्षा केन्द्रों में मुख्य द्वार दोनो पालीयों में परीक्षा आरंभ होने के 30 मिनट पूर्व बंद कर दिया गया जिसकी विडियों ग्राफी भी कराई गई। परीक्षा के दौरान वासरूम का उपयोग करने वाले परीक्षार्थियों का विवरण व्यापम द्वारा निर्धारित प्रपत्र में किया गया इसके अलावा प्रत्येक केंन्द्र में जैमर की व्यवस्था होने के कारण मोबाईल का सम्पर्क टूटा रहा। परीक्षा के दौरान उपयोग में लाई जाने वाली ओ.एम.आर उत्तर शीट में परीक्षार्थियों को यह आकड़ा भी प्रविष्ठ करना पड़ा की उन्होंने कितने प्रश्न हल नहीं किये है
सहायक समन्वयक डॉ. एस.एन.झा तथा डॉ. जगजीत कौर सलूजा ने जानकारी दी की दूसरी पाली की परीक्षा शाम 5.45 पर समाप्त होने के पश्चात संग्रहण केन्द्र साइस कॉलेज दुर्ग में रात्रि 10.00 बजे तक मूल्यांकन पेटी के जमा होने का क्रम जारी था। संग्रहण केन्द्र में सहायक समन्वयक के रूप में डॉ. एस.एन.झा तथा डॉ. जगजीत कौर सलूजा, डॉ. अभिनेष सुराना, डॉ. एस.डी देशमुख, डॉ. दिव्या मिंज, डॉ. मर्सी जार्ज, डॉ. प्रज्ञा कुलकर्णी, डॉ. प्रशांत श्रीवास्तव, डॉ. राकेश तिवारी, तथा डॉ. जी. एस. ठाकुर उपस्थित थे।
