पुलिस के सामने आत्मदाह करने वाली कांग्रेस नेत्री की मौत, अस्पताल में थमी सांसें

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रायपुर। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। कोर्ट के आदेश पर मकान खाली कराने पहुंची पुलिस और कोर्ट स्टाफ के सामने आत्मदाह करने वाली महिला कांग्रेस कार्यकर्ता शबाना निशा उर्फ रानी (37 वर्ष) का निधन हो गया है। 23 जनवरी को हुई इस घटना में शबाना 95 प्रतिशत तक झुलस गई थीं। उनका इलाज रायपुर के डीकेएस (DKS) अस्पताल में चल रहा था, जहाँ शुक्रवार शाम करीब 4:30 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली।

क्या था पूरा मामला?

यह पूरी घटना 22 जनवरी की दोपहर करीब 2:30 बजे दुर्ग के पचरीपारा इलाके की है। शबाना निशा उस मकान में पिछले 40-45 सालों से किराए पर रह रही थीं। मकान मालिक के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा था और मामला कोर्ट तक पहुँचा था। कोर्ट ने मकान खाली करने का आदेश दिया था। जब जिला कोर्ट की टीम और कोतवाली पुलिस कब्जा दिलाने पहुँची, तो तनावपूर्ण माहौल के बीच शबाना ने अचानक भीतर जाकर खुद पर मिट्टी तेल छिड़क लिया और आग लगाकर बाहर निकल आईं।

आंखों के सामने जलती रही नेत्री

प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, जब शबाना आग की लपटों में घिरीं, तो आसपास के लोगों ने चादर और अन्य साधनों से आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन तब तक वे बुरी तरह झुलस चुकी थीं। परिजनों का कहना है कि शबाना उस घर को खरीदना चाहती थीं, लेकिन मकान मालिक इसके लिए तैयार नहीं था और उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था।

सियासी गलियारों में शोक

शबाना निशा राजनीति में काफी सक्रिय थीं। उन्होंने पिछले नगर निगम चुनाव में वार्ड नंबर 28 (पचरीपारा) से कांग्रेस के टिकट पर पार्षद पद का चुनाव भी लड़ा था। उनकी मौत की खबर के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं और क्षेत्र के लोगों में भारी शोक और आक्रोश है। पुलिस ने मामले की जांच जारी रखी है, वहीं इस घटना ने किराएदारों और मकान मालिकों के विवादों के निपटारे के प्रशासनिक तरीकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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