
शासकीय नवीन महाविद्यालय रिसाली, दुर्ग में दिनांक 26.01.2026 को गणतंत्र दिवस हर्षौल्लास से मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः ध्वजारोहण के साथ हुआ। ध्वजारोहण के पश्चात राष्ट्रगान एवं वंदे मातरम् का समवेत गायन किया गया। देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर सपूतों एवं शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इसके पश्चात महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ.अनुपमा अस्थाना द्वारा प्रेरणादायी उद्बोधन दिया गया। उन्होंने कहा कि आज हम सभी यहाँ भारत के गौरवपूर्ण पर्व गणतंत्र दिवस के अवसर पर एकत्रित हुए हैं। यह दिन हमें हमारे संविधान की शक्ति, लोकतंत्र की गरिमा और नागरिक कर्तव्यों की याद दिलाता है। इस वर्ष गणतंत्र दिवस की थीम हमें यह संदेश देती है कि सशक्त भारत का निर्माण शिक्षित,अनुशासित और जिम्मेदार नागरिकों से होता है। हमारा संविधान हमें अधिकार देता है, पर साथ ही कर्तव्यों का बोध भी कराता है।युवा पीढ़ी यदि सही दिशा में चले तो भारत विश्वगुरु बन सकता है।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष श्री विधि यादव एवं समिति के सभी सदस्यों की उपस्थिति रही। श्री विधि यादव ने कहा कि आप सभी विद्यार्थी अनुशासन, परिश्रम और देशभक्ति को अपना लक्ष्य बनाइए। यही सच्ची राष्ट्रसेवा है। मैं महाविद्यालय परिवार को इस सुंदर आयोजन के लिए बधाई देता हूँ। श्री सुरेंद्र रजक जी ने कहा कि आज का दिन हमें अपने देश के प्रति कर्तव्य निभाने की प्रेरणा देता है। भारत विविधताओं में एकता का प्रतीक है। श्रीमती उमा कोसरे ने कहा कि हमारी संस्कृति, भाषा और परंपराएँ हमें मजबूत बनाती हैं।
श्री प्रमोद साहू ने अपने उद्बोधन में गणतंत्र दिवस के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए संविधान की गरिमा एवं राष्ट्र निर्माण में नागरिकों की भूमिका को रेखांकित किया। महाविद्यालय के वरिष्ठ लिपिक श्री डामन लाल साहू ने राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए उनको आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम की अगली श्रृंखला में में छात्र–छात्राओं द्वारा देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक एवं मनमोहक प्रस्तुतियाँ दी गईं।
इस अवसर पर महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापक, कर्मचारी गण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की उपस्थिति रही।

