दुर्ग। शासकीय विश्वनाथ यादव तामस्कर स्नातकोत्तर स्वशासी महाविद्यालय, दुर्ग में 77 वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर ध्वज फहराया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अजय कुमार सिंह ने सभी अधिकारियों/कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज जब भारत विकसित भारत @ 2047 की ओर अग्रसर है तब युवा की भूमिका निर्णायक है। स्टार्टअप, अनुसंधान, हरित ऊर्जा डिजिटल तकनीकी, ग्रामीण विकास आदि प्रत्येक क्षेत्र में युवाओं के योगदान से ही राष्ट्र सशक्त बनेगा । हरित ऊर्जा आज केवल विकल्प नहीं आवश्यकता है। सौर ऊर्जा, बायोमास और अपशिष्ट से ऊर्जा ये सभी क्षेत्र छत्तीसगढ़ जैसे प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध राज्य के लिए स्वर्णिम अवसर है। छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता सेनानियों को याद करते हुए प्राचार्य ने कहा कि वीर नारायण सिंह, बिरसामुण्डा, पंडित सुन्दरलाल शर्मा जैसे महापुरूषों ने हमें सिखाया की राष्ट्र प्रेम केवल शब्दों में नहीं बल्कि सेवा, संग्रष एवं सत्य में प्रकट होता है। प्राध्यापकों एवं विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होने कहा कि चरित्र निर्माता, मार्गदर्शक, और प्रेरणा के स्त्रोत हमारे प्राध्यापक छात्रों में वैज्ञानिक सोच, लोकतांत्रिक मूल्य, समाजिक उत्तरदायित्व और नैतिकता का बीजारोपण करते हुए सशक्त राष्ट्र का निर्माण करने में संलग्न हैं। महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना और राष्ट्रीय कैडेट कोर (एन.सी.सी.) इकाई विद्यार्थियों में सतत् सेवा, अनुशासन और राष्ट्र भक्ति से युक्त नागरिक भावना का संचार कर रही है।

वंदे मातरम् गीत के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर प्राचार्य ने कहा कि यह केवल एक गीत नही बल्कि भारत माता के प्रति समर्पण, त्याग और राष्ट्र भक्ति का अमर घोष है। उन्होंने भारत की सेवा में बलिदान हुए महाविद्यालय के शहीदों निरीक्षक विनोद ध्रुव, आरक्षक थान सिंह ठाकुर, आरक्षक महेन्द्र प्रताप सिंह यादव, सहायक प्लाडन कमाण्डर श्री नारद राम निषाद को श्रृद्धांजलि अर्पित की। सभा के बाद महाविद्यालय के प्राचार्य के नेतृत्व में प्राध्यापकों अधिकारियों / कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों द्वारा महाविद्यालय से आजाद हॉस्टल तक भारत मांता की जय एवं वंदेमातरम् जय घोषों के साथ तिरंगा रैली का संचलन किया गया।
कार्यक्रम का संचालन एनसीसी इकाई के प्रभारी लेफ्टिनेंट प्रशांत दुबे ने की।

ध्वजारोहरण समारोह में महाविद्यालय के सभी प्राध्यापकगण, कर्मचारीगण, एनसीसी छात्र एवं छात्रा इकाई, एन.एस.एस. छात्र एवं छात्रा इकाई, यूथ रेडकास सोसायटी के सदस्य एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहें।



