
दुर्ग | सरकारी डॉक्टर की नौकरी दिलाने का सपना दिखाकर लाखों रुपये डकारने वाले एक जालसाज को दुर्ग पुलिस ने धर दबोचा है। आरोपी विकास चंद्राकर ने एक व्यक्ति से 20 लाख रुपये ऐंठ लिए थे। न नौकरी मिली और न ही पूरे पैसे वापस आए, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी को महासमुंद से ढूंढ निकाला।
नौकरी का झांसा और फिर चेक का ‘खेल’
मामला साल 2023 का है, जब अंजोरा निवासी सचिन मालगी की मुलाकात आरोपी विकास चंद्राकर से हुई। विकास ने सचिन को झांसा दिया कि उसकी ऊपर तक पहुंच है और वह उसे सरकारी चिकित्सक (Doctor) के पद पर नौकरी लगवा देगा। इसके बदले उसने 20 लाख रुपये लिए।

जब लंबे समय तक नौकरी नहीं लगी, तो सचिन ने पैसे वापस मांगे। आरोपी ने किश्तों में 8 लाख रुपये तो लौटा दिए, लेकिन बाकी के 12 लाख रुपये दबाकर बैठ गया। बचे हुए पैसे के बदले आरोपी ने दो चेक दिए (5 लाख और 8 लाख के)। लेकिन चालाकी दिखाते हुए उसने अपने बैंक खाते में ‘पे-ऑप्शन’ ही एक्टिव नहीं रखा, ताकि चेक क्लियर न हो सकें।
पुलिस की कार्रवाई
सचिन की शिकायत पर सिटी कोतवाली दुर्ग पुलिस ने धोखाधड़ी (धारा 420) का मामला दर्ज किया। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी विकास चंद्राकर (39 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी महासमुंद के विवेक मल्टी स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल के पास का निवासी बताया जा रहा है।


