दुर्ग पुलिस : स्कूल विद्यार्थियों को बाइक देना पैरेंट्स को पड़ा महंगा, एक ही दिन में वसूला 62,500 जुर्माना

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दुर्ग | अगर आप अपने नाबालिग बच्चों को स्कूल जाने के लिए स्कूटर या मोटरसाइकिल थमा रहे हैं, तो यह खबर आपकी जेब और रिकॉर्ड दोनों के लिए बड़ी मुसीबत बन सकती है। दुर्ग यातायात पुलिस ने ‘ऑपरेशन सुरक्षा’ के तहत आज नेहरू नगर स्थित केपीएस (KPS) स्कूल के पास बड़ी कार्रवाई की है। स्कूल छुट्टी के समय पुलिस ने घेराबंदी कर उन नाबालिगों को पकड़ा जो सड़कों पर फर्राटा भर रहे थे।

छुट्टी होते ही घेरे गए नाबालिग ‘राइडर्स’

गुरुवार दोपहर करीब 11:30 बजे, जब नेहरू नगर के केपीएस स्कूल में छुट्टी हुई, तो यातायात पुलिस की टीम अचानक वहां तैनात हो गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि बड़ी संख्या में कम उम्र के छात्र-छात्राएं बिना लाइसेंस और सुरक्षा उपकरणों के वाहन चला रहे हैं। चेकिंग के दौरान पुलिस ने पाया कि कई छात्र न केवल बिना हेलमेट थे, बल्कि उनके पास वाहन के दस्तावेज भी नहीं थे।

पैरेंट्स पर गिरी गाज

इस विशेष अभियान में पुलिस ने केवल बच्चों को समझाइश नहीं दी, बल्कि मोटर व्हीकल एक्ट की कड़ी धाराओं के तहत कार्रवाई की।

  • 25 वाहनों पर ई-चालान।
  •  कुल 62,500 रुपये का जुर्माना वसूला गया।
  •  धारा 4/181 (नाबालिग द्वारा वाहन चलाना), 5/180 (वाहन मालिक की जिम्मेदारी), 129 (बिना हेलमेट) और 39/192 (बिना रजिस्ट्रेशन)।

पुलिस की दो टूक: “हादसे के जिम्मेदार होंगे अभिभावक”

अभियान के दौरान यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया कि नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने पर केवल बच्चों को नहीं, बल्कि उनके अभिभावकों को भी जिम्मेदार माना गया है। मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 5/180 के तहत वाहन स्वामियों (पैरेंट्स) के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। पुलिस का कहना है कि कम उम्र में वाहन चलाना न केवल गैरकानूनी है, बल्कि यह गंभीर सड़क दुर्घटनाओं को भी निमंत्रण देता है।

जारी रहेगी ‘सर्जिकल चेकिंग’

दुर्ग यातायात पुलिस के अनुसार, शहर के अन्य प्रमुख स्कूलों के पास भी इसी तरह का औचक निरीक्षण और चेकिंग अभियान जारी रहेगा। पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को वयस्क होने और ड्राइविंग लाइसेंस बनने से पहले वाहन न दें।

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