
दुर्ग-भिलाई |
दुर्ग जिले में युवती से दुष्कर्म और लंबे समय तक शोषण करने वाला फर्जी तांत्रिक दो महीने की फरारी के बाद पुलिस के हत्थे चढ़ गया। आरोपी हेमंत अग्रवाल (41), निवासी अमलेश्वर, खुद को तांत्रिक बताकर पीड़िता के परिवार के संपर्क में आया था और समस्याएं दूर करने का दावा कर युवती को अपने प्रभाव में ले लिया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी ने शादी का झूठा भरोसा देकर युवती को पत्नी की तरह साथ रखा और उसके साथ बार-बार दुष्कर्म किया। इस दौरान उसने अश्लील वीडियो बनाए और उन्हें वायरल करने की धमकी देकर पीड़िता का शोषण करता रहा। युवती के गर्भवती होने पर आरोपी ने दबाव डालकर जबरन गर्भपात भी कराया।
दिनदहाड़े अपहरण, फिर थाने से फरार
19 नवंबर 2025 को आरोपी दिनदहाड़े युवती को घर से उठाकर कोंडागांव और दंतेवाड़ा होते हुए रायपुर ले गया। 21 नवंबर को पुलिस ने दोनों को बरामद किया, लेकिन भिलाई-3 थाने से आरोपी मौका पाकर फरार हो गया था। इसके बाद से वह लगातार नाम और ठिकाने बदलकर छिपता रहा।
दूसरे तांत्रिक से मिलने गया, यहीं फंसा
करीब दो महीने की फरारी के दौरान आरोपी मोबाइल फोन अधिकतर बंद रखता था। इसी बीच वह बलौदाबाजार जिले के बारनवापारा जंगल क्षेत्र में रहने वाले एक अन्य बैगा-तांत्रिक से मिलने और कथित दवा लेने पहुंचा। पुलिस को इसी गतिविधि की सूचना मिली, जो गिरफ्तारी के लिए निर्णायक साबित हुई।
12 दिन तक सिविल ड्रेस में निगरानी
सूचना मिलने के बाद जामुल थाना पुलिस की टीम ने उड़ीसा, बारनवापारा और बलौदाबाजार इलाके में तलाश शुरू की। दो पुलिसकर्मी 12 दिनों तक सिविल ड्रेस में एक ही लोकेशन पर निगरानी करते रहे। पुलिस को अंदेशा था कि जंगल से लौटने के बाद आरोपी गीतपुरी क्षेत्र जरूर आएगा। आखिरकार जैसे ही आरोपी वहां पहुंचा, पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
नाम बदलकर छिपा था आरोपी
पुलिस ने आरोपी को बलौदाबाजार जिले के गीतपुरी इलाके से गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद शहर में उसका पैदल जुलूस निकाला गया और उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। जामुल थाना में आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 918/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 85, 115(2), 64(2)(एम), 138, 351(3) और 89 में मामला दर्ज है।
पुलिस का कहना है कि फर्जी तंत्र-मंत्र के सहारे लोगों को ठगने और महिलाओं का शोषण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
