
दुर्ग। विश्व हिंदी दिवस के शुभ अवसर पर दिनांक 10.01.2026 को शासकीय नवीन महाविद्यालय रिसाली, दुर्ग (छत्तीसगढ़) में “कविता के रंग, हिंदी के संग” शीर्षक से एक गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम संस्था प्रमुख डॉ. अनुपमा अस्थाना के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में तथा हिंदी विभाग की संयोजक डॉ. पूजा पाण्डेय के संयोजन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का उद्देश्य हिंदी भाषा के महत्व, उसकी वैश्विक भूमिका तथा समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को रेखांकित करना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संस्था प्रमुख डॉ. अनुपमा अस्थाना ने अपने उद्बोधन में कहा कि हिंदी की सबसे बड़ी विशेषता उसकी सरलता, सहजता और भावप्रवणता है। हिंदी वह भाषा है जो विद्वानों की गंभीर चर्चा से लेकर आमजन की सहज बातचीत तक समान रूप से सक्षम है। हिंदी केवल संवाद की भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा और पहचान की संवाहक है।
वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. नागरत्ना गनवीर ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि विश्व हिंदी दिवस हमें यह संदेश देता है कि हम हिंदी को केवल औपचारिक अवसरों तक सीमित न रखें, बल्कि उसे अपने दैनंदिन जीवन, शिक्षा, प्रशासन और तकनीक से जोड़ें। उन्होंने अपने विचारों को कविता के माध्यम से भी प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावविभोर किया।
प्रो. निवेदिता मुखर्जी ने कहा कि आज के तकनीकी और डिजिटल युग में भी हिंदी निरंतर प्रगति कर रही है। सोशल मीडिया, ब्लॉग, फिल्म, वेब सीरीज़ और डिजिटल पत्रकारिता जैसे क्षेत्रों में हिंदी ने नए आयाम स्थापित किए हैं।
प्रो. नूतन कुमार देवांगन ने अपने वक्तव्य में कहा कि हिंदी भारत की राजभाषा होने के साथ-साथ आज वैश्विक मंच पर भी अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा चुकी है। संयुक्त राष्ट्र संघ, विश्व व्यापार मंच तथा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में हिंदी की गूंज सुनाई देना हमारे लिए गर्व का विषय है।
इस अवसर पर प्रो. लिनेन्द्र कुमार वर्मा द्वारा भी काव्यपाठ प्रस्तुत किया गया, जिसमें विचार, भाव और भाषा का सुंदर समन्वय देखने को मिला।
कार्यक्रम की संयोजक डॉ. पूजा पाण्डेय ने कहा कि हिंदी दिवस केवल एक भाषा का उत्सव नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, सभ्यता, विचार और आत्मा का उत्सव है। हिंदी हमारी पहचान, भावनाओं और मूल्यों की संवाहक है।
कार्यक्रम की अगली कड़ी में विद्यार्थियों द्वारा काव्यपाठ प्रस्तुत किया गया, जिसमें हिंदी भाषा की मधुरता, संवेदनशीलता और सामाजिक चेतना को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया गया।
कार्यक्रम में महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण प्रो. विनीता, डॉ. ममता, प्रो. वेद, प्रो. रौशन, कर्मचारीगण तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। संपूर्ण आयोजन हिंदी भाषा के प्रति जागरूकता और सम्मान की भावना को सुदृढ़ करने में सफल रहा।

