
रायपुर। रायपुर–खैरागढ़ जिले से बड़ी प्रशासनिक खबर सामने आई है। छुईखदान विकासखंड के अंतर्गत जगमड़वा–हनाईबन–मरदकठेरा चूना पत्थर खनिज ब्लॉक को आखिरकार निरस्त कर दिया गया है। यह ब्लॉक करीब 304.209 हेक्टेयर क्षेत्रफल में फैला हुआ था और इलाके का दूसरा सबसे बड़ा चूना पत्थर ब्लॉक माना जाता था।

5 अक्टूबर को जारी हुई थी NIT
भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) द्वारा किए गए G-2 स्तर के विस्तृत सर्वेक्षण में इस क्षेत्र में लगभग 52.745 मिलियन टन चूना पत्थर के भंडार की पुष्टि हुई थी। इसके बावजूद प्रशासन ने खनिज ब्लॉक को रद्द करने का फैसला लिया है। गौरतलब है कि इस चूना पत्थर ब्लॉक के लिए 5 अक्टूबर को NIT (निविदा सूचना) जारी की गई थी। इसके बाद से ही स्थानीय ग्रामीणों ने खनन प्रस्ताव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। ग्रामीणों का कहना था कि खनन से पर्यावरण, खेती और जल स्रोतों को भारी नुकसान पहुंचेगा।

पर्यावरण और खेती बचाने की लड़ाई में ग्रामीण सफल
लगातार विरोध, जनआंदोलन और स्थानीय असहमति के दबाव के बीच प्रशासन ने खनन प्रस्ताव को निरस्त करने का निर्णय लिया। अब इस फैसले को ग्रामीणों की बड़ी जीत और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।


