हत्यारों का चोर गैंग: केटरर बनकर करते थे जासूसी, फिर मौका मिलते कर देते थे माल साफ, 11 जगहों पर 80 लाख की चोरी

Spread the love

रायपुर 22 दिसंबर 2025। राजधानी रायपुर के अमलीडीह क्षेत्र में झाड़ियों के पीछे मिले 16 साल की नाबालिग लड़की के शव की गुत्थी सुलझाते सुलझाते पुलिस उस केस को भी उजागर करने में कामयाब हो गयी, जिसमें आरोपियों को पता नहीं चल पाया था। पूछताछ में सामने आई जानकारियों ने पूरे मामले को और भी गंभीर बना दिया, क्योंकि हत्या के साथ-साथ बड़े पैमाने पर चोरी करने वाले एक गैंग का भी खुलासा हुआ।

आईजी अमरेश मिश्रा ने बताया कि तेलीबांधा थाना क्षेत्र के सुभाष नगर निवासी हरीश पटेल और रोहित कुमार शातिर अपराधी हैं। दोनों के खिलाफ चोरी और अन्य आपराधिक मामलों में कुल 12 से अधिक केस दर्ज हैं। आरोपियों का एक संगठित गिरोह है, जिसमें शामिल सभी लोग कैटरिंग का काम करते हैं। इसी काम की आड़ में वे सूने मकानों की रेकी कर चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे।

पुलिस जांच में सामने आया है कि बीते 10 महीनों में इस गैंग ने रायपुर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में कुल 11 बड़ी चोरी की घटनाएं कीं। इनमें डीडी नगर थाना क्षेत्र में 5, विधानसभा थाना क्षेत्र में 5 और मुजगहन थाना क्षेत्र में 1 चोरी की वारदात शामिल है। इन सभी घटनाओं में करीब 80 लाख रुपये से अधिक की चोरी की गई।
आरोपियों की कार्यप्रणाली काफी शातिर थी। जहां-जहां उन्हें कैटरिंग का काम मिलता था, वहां आसपास के सूने मकानों की पहले रेकी की जाती थी। कैटरिंग का काम खत्म होने के अगले दिन आधी रात को वे उन मकानों में चोरी करते थे। चोरी किए गए सोने-चांदी के जेवरातों को तुरंत बेचने के बजाय जमीन में दबाकर रखा जाता था और बाद में धीरे-धीरे बेच दिया जाता था, ताकि पुलिस को शक न हो।

पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों से कुल 54.8 लाख रुपये की संपत्ति जब्त की है। इसमें करीब 40 तोला सोना, लगभग 3 किलो चांदी जिसकी कीमत करीब 6 लाख रुपये है, और नकद राशि शामिल है। भिलाई-चरौदा निवासी ऊषा राठौर के घर के आंगन की खुदाई कर बड़ी मात्रा में जेवर बरामद किए गए हैं। इसके अलावा कुछ सराफा कारोबारियों से भी चोरी के जेवर जब्त किए गए हैं। फिलहाल इस मामले में रोहित कुमार फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि चोरी के जेवर ऊषा राठौर के पास रखवाए जाते थे। ऊषा इन्हें अपने घर में जमीन खोदकर छिपा देती थी। बाद में ये जेवर डोंगरगढ़ निवासी अरविंद के जरिए बेचे जाते थे, जो अपने समाज का नेता बताया जा रहा है और उसके कई सराफा कारोबारियों से संपर्क थे। जेवर बेचकर मिलने वाली रकम हरीश और रोहित को दी जाती थी, जिससे वे अपना खर्च चलाते थे।
नाबालिग की हत्या के मामले में पुलिस का दावा है कि काशीराम नगर की रहने वाली नाबालिग के हरीश पटेल से प्रेम संबंध थे। 19 नवंबर को वह कैटरिंग का काम बताकर घर से निकली थी। वह दुर्ग पहुंची और वहां से भिलाई में हरीश से मिली। इसके बाद वह उसके साथ एक होटल गई, जहां रोहित और दो अन्य लड़कियां पहले से मौजूद थीं। होटल में दो कमरे लिए गए और शराब पार्टी की गई।
पुलिस के अनुसार, इसी दौरान हरीश ने नाबालिग के साथ दुष्कर्म किया। बाद में रोहित ने भी उसके साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। जब नाबालिग ने विरोध किया तो रोहित ने उसका गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद आरोपी शव को रायपुर लाए और अमलीडीह इलाके के एक खाली प्लॉट में फेंक दिया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

× How can I help you?