पं. प्रदीप मिश्रा की कथा में पेमेंट को लेकर विवाद, टेंट संचालक ने डोम उखाड़ने की दी चेतावनी

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दुर्ग-भिलाई | दुर्ग जिले के नगपुरा गांव में चल रही कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा की शिव महापुराण कथा के दौरान भुगतान को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। टेंट-डोम लगाने वाले संचालक और आयोजन समिति के बीच पैसों को लेकर तनातनी की स्थिति बन गई, जिससे कुछ देर के लिए आयोजन स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार, कथा स्थल पर टेंट और डोम निर्माण के लिए लगभग 1.15 करोड़ रुपए में डील हुई थी, लेकिन टेंट संचालक का आरोप है कि अब तक उन्हें केवल 25 से 30 लाख रुपए का ही भुगतान किया गया है। इसी बात से नाराज होकर टेंट हाउस संचालक ने पंडाल उखाड़ने की कोशिश शुरू कर दी।
मामले की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा। एएसपी पद्मश्री और हेम प्रकाश नायक ने स्थिति को संभालते हुए स्पष्ट किया कि कथा प्रारंभ होने के बाद किसी भी हाल में टेंट नहीं हटाया जाएगा, क्योंकि इससे भगदड़ जैसी गंभीर स्थिति बन सकती है। दोनों पक्षों को समझाइश दी गई, जिसके बाद विवाद फिलहाल शांत हो गया।
टेंट हाउस संचालक नरेंद्र कुमार साहू ने बताया कि सवा करोड़ रुपए में काम की सहमति बनी थी, लेकिन आयोजन समिति की ओर से रोजाना केवल 2 से 3 लाख रुपए ही दिए जा रहे हैं। भुगतान में हो रही देरी के कारण ट्रांसपोर्ट और अन्य खर्च निकालना मुश्किल हो रहा था, इसी वजह से टेंट का आकार करीब 15 प्रतिशत छोटा करना पड़ा। उन्होंने बताया कि अब समिति से बातचीत हो गई है और शेष भुगतान तय समय पर देने का आश्वासन मिला है।
वहीं आयोजन समिति की सदस्य प्रिया साहू ने विवाद को मामूली बताते हुए कहा कि इतने बड़े आयोजन में व्यवस्थाओं को लेकर कभी-कभी मतभेद हो जाते हैं। पंडाल उखाड़ने जैसी कोई स्थिति नहीं थी और कथा का आयोजन सुचारू रूप से जारी है।
नगपुरा के पूर्व सरपंच और आयोजन समिति के पदाधिकारी भूपेंद्र रिगरी ने भी कहा कि टेंट संचालक को समय-समय पर भुगतान किया जा रहा है। भले ही लिखित अनुबंध नहीं है, लेकिन विवाद को आपसी सहमति से सुलझाया जा रहा है।
गौरतलब है कि 17 से 21 दिसंबर तक चलने वाली इस शिव महापुराण कथा में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। फिलहाल प्रशासन की मौजूदगी और आपसी समझाइश के बाद कथा कार्यक्रम शांतिपूर्वक जारी है।

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