2 दोस्तों ने युवक का गला घोंटा… पाने से आंखें फोड़ीं: रायपुर में हत्या, कोरबा के जंगल में जलाई लाश; अधजले जूते से खुला राज, कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद

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रायपुर |
पैसों के लेन-देन के विवाद में की गई एक दिल दहला देने वाली हत्या के मामले में रायपुर कोर्ट ने दो आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोस्ती के भरोसे को तोड़ते हुए आरोपियों ने पहले युवक को शराब पिलाई, फिर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद साक्ष्य मिटाने की नीयत से उसकी आंखें फोड़ीं और लाश को 175 किलोमीटर दूर कोरबा जिले के जंगल में ले जाकर जला दिया।

मृतक की पहचान 22 वर्षीय शोएब खान के रूप में हुई, जो ई-रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। 8 अप्रैल को शोएब ने अपनी मां मुन्नी खान से आखिरी बार फोन पर बात की थी। उसने मां से कहा था कि यदि वह घर वापस नहीं लौटे तो शेखर साहू और मुकेश यादव के नाम से थाने में रिपोर्ट दर्ज कराना। इसके कुछ समय बाद ही शोएब लापता हो गया।

पांच दिनों तक बेटे की तलाश के बाद शोएब की मां ने 11 अप्रैल को कबीर नगर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने जांच शुरू ही की थी कि इसी दौरान रायपुर से करीब 175 किलोमीटर दूर कोरबा जिले के पाली थाना क्षेत्र के जंगल में एक चरवाहे को अधजली लाश मिली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव के हुलिए, कपड़े और पैरों में पहने अधजले जूते के आधार पर आसपास के जिलों में दर्ज गुमशुदगी मामलों की जांच शुरू की।

अधजले जूते की तस्वीर रायपुर पुलिस तक पहुंची, जिसे देखकर शोएब की मां ने अपने बेटे की पहचान की। इसके बाद रायपुर पुलिस टीम तुरंत कोरबा पहुंची और मामले की कड़ियां जोड़नी शुरू कीं।

जांच में सामने आया कि आरोपी चंद्रशेखर साहू और मुकेश यादव ने शोएब को मिलने बुलाया था। दोनों ने उसे धरसींवा क्षेत्र के पास जमकर शराब पिलाई और फिर नशे की हालत में उसका गला दबाकर हत्या कर दी। क्रूरता की हद पार करते हुए आरोपियों ने गाड़ी के व्हील पाने से उसकी आंखें भी फोड़ दीं।

हत्या के बाद दोनों आरोपी लाश को ठिकाने लगाने की फिराक में थे। चंद्रशेखर साहू टाटा मैजिक वाहन चलाता था, उसी गाड़ी में प्लास्टिक कवर में लाश छिपाकर वे बिहार ले जाने निकले। हालांकि रास्ते में डीजल के लिए पैसे कम पड़ने पर उन्होंने कोरबा जिले के पाली थाना क्षेत्र के जंगल में शव को पेट्रोल डालकर जला दिया।

मामले में सबसे अहम सबूत शोएब की मां को किया गया अंतिम फोन कॉल साबित हुआ, जिसमें उसने दोनों आरोपियों से खतरे की बात कही थी। इसके अलावा एक अधजला जूता कोरबा के जंगल से और दूसरा जूता धरसींवा से बरामद हुआ। पेट्रोल से भरी प्लास्टिक बोतल, माचिस, व्हील पाना और मालवाहक वाहन के प्लास्टिक टुकड़ों ने भी पुलिस की जांच को मजबूत किया।

पुलिस ने करीब 25 गवाहों के बयान कोर्ट में पेश किए। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर रायपुर कोर्ट ने हत्या, अपहरण और आपराधिक षड्यंत्र के मामलों में चंद्रशेखर साहू और मुकेश यादव को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।

इस सनसनीखेज मामले में तत्कालीन कबीर नगर थाना प्रभारी रविंद्र कुमार यादव और उनकी टीम की जांच को कोर्ट ने सराहा।

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