**# कॉलेज में हंगामा: विधायक प्रतिनिधि का प्राचार्य कक्ष में धावा… वीडियो वायरल

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नेम प्लेट पर स्याही, टेबल पर बैठकर दी चेतावनी— “कुर्सी छोड़ो और बाहर निकलो”**

दुर्ग-भिलाई |

भिलाई के कल्याण कॉलेज में मंगलवार दोपहर अचानक तनाव की स्थिति बन गई जब भिलाई नगर विधायक के प्रतिनिधि और एनएसयूआई के प्रदेश महासचिव आकाश कनौजिया अपने साथियों के साथ प्राचार्य के कक्ष में घुस पड़े। अंदर घुसते ही उन्होंने टेबल पर रखे कागज़ फेंक दिए, नाम पट्टिका पर स्याही डाल दी और प्राचार्य की कुर्सी के ठीक सामने टेबल पर बैठकर उन्हें कुर्सी छोड़ने के लिए कहा।

करीब आधे घंटे तक प्राचार्य का कमरा शोर-शराबे से गूंजता रहा। हालात बिगड़ने पर पुलिस को बुलाना पड़ा।


महिला कर्मचारियों की हटाने की कार्रवाई पर बवाल

यह पूरा विवाद दो चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारियों — गोदावरी सिन्हा और तीरथी साहू — की शिकायत के बाद भड़का।
दोनों ने आरोप लगाया कि 1 अगस्त 2025 को अचानक उनकी सेवा समाप्त कर दी गई और जब कारण पूछने वे प्राचार्य से मिलने पहुंचीं, तो उनके साथ अपमानजनक भाषा में बात की गई।

महिलाओं ने कहा कि वे 18 साल से काम कर रही थीं लेकिन बिना नोटिस हटाया गया। इसी मुद्दे को लेकर मंगलवार को NSUI कॉलेज पहुंची।


प्राचार्य का पक्ष— “सुपरवाइजर की रिपोर्ट पर निर्णय हुआ, गाली नहीं दी”

प्राचार्य डॉ. विनय शर्मा ने कहा कि—

कुछ कर्मचारियों को आवश्यकता न होने पर प्रबंधन की अनुमति से हटाया गया।

महिलाओं की शिकायत की जांच विश्वविद्यालय की समिति कर रही है।

“मैंने किसी को गाली नहीं दी। मेरे व्यवहार को पूरा स्टाफ जानता है।”

उन्होंने यह भी बताया कि हंगामे के दौरान परीक्षा संबंधी फॉर्म पर स्याही गिर गई, जिससे दस्तावेज खराब हो गए।


कनौजिया का दावा— “60 साल की महिला रोकर बाहर आई, हम चुप नहीं रहेंगे”

NSUI नेता आकाश कनौजिया ने कहा कि उन्हें स्टाफ ने बताया कि महिलाओं के साथ बदसलूकी हुई है।
उनका कहना है—

“महिला को वापस नौकरी दिलाना और उनसे माफी दिलवाना हमारी पहली मांग है।”

“हमने केवल नेम प्लेट पर स्याही लगाई है, चेहरा निशाना नहीं बनाया। पद की गरिमा का ध्यान रखा है।”

“FIR हमें डराने के लिए नहीं है, हमें इससे फर्क नहीं पड़ता।”


पुलिस और प्रबंधन की दखलअंदाजी

हंगामा बढ़ता देख पुलिस टीम पहुंची और सभी कार्यकर्ताओं को बाहर किया। इसके बाद कॉलेज प्रबंधन भी मौके पर पहुंचा और प्राचार्य से स्थिति की जानकारी ली।

विश्वविद्यालय को भेजे जाने वाले फॉर्म खराब होने के कारण आगे की प्रक्रिया में देरी की आशंका है।

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