
रायपुर |
रायपुर में गर्भवती महिला को दिए गए कैल्शियम सिरप में मांस जैसा संदिग्ध टुकड़ा मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए औषधि विभाग ने उसी बैच की 48 शीशियां जब्त कर राज्य औषधि परीक्षण प्रयोगशाला भेज दी हैं। यह सिरप कैलसिड कंपनी का है, जिसकी खरीदी सीएमएचओ कार्यालय के निर्देश पर की गई थी।
कैसे सामने आया मामला
देवपुरी निवासी गर्भवती महिला देविका साहू को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से कैल्शियम सिरप दिया गया था। महिला ने सिरप पीते समय अजीब स्वाद और गंध महसूस की। लगातार दो दिनों तक ऐसा होने पर उसने बोतल अपने पति को दिखाया। पति ने जब शीशी को रोशनी में देखा तो उसमें लाल-भूरे रंग का मांस जैसा एक टुकड़ा तैरता हुआ मिला। परिवार तत्काल स्वास्थ्य केंद्र पहुंचा।
अस्पताल स्टाफ ने तत्काल कार्रवाई की
सिरप की बोतल देखते ही स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ ने इसे गंभीर माना और शीशी को तुरंत सील कर अपने वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी सूचना दी।
औषधि विभाग की टीम सक्रिय
रविवार को औषधि विभाग की टीम स्वास्थ्य केंद्र पहुंची। टीम ने वहीं उपलब्ध उसी बैच की 48 सिरप की शीशियां जब्त कर लीं और सभी को जांच के लिए लैब भेज दिया गया है।
सीएमएचओ ने सप्लाई पर लगाई रोक
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीएमएचओ कार्यालय ने संबंधित बैच की सप्लाई और उपयोग पर तत्काल रोक लगा दी है। सिरप को जिले के अधिकतर प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में सप्लाई किया गया था, जिसके मद्देनज़र सभी केंद्रों से शीशियां वापस मंगाई जा रही हैं।
सीएमएचओ का बयान
सीएमएचओ मिथिलेश चौधरी ने कहा—
“जांच चल रही है। लैब रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि बोतल में मिला टुकड़ा क्या है और कैसे मिला। दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
घटना ने सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में सप्लाई होने वाली दवाओं की गुणवत्ता को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। लैब रिपोर्ट सामने आने तक जिले में इस सिरप का वितरण और उपयोग पूरी तरह रोक दिया गया है।

