
रायपुर। अग्रवाल समाज और सिंधी समाज के ईष्ट देव के खिलाफ भड़काऊ बयान देने के मामले में भगोड़ा घोषित जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रमुख अमित बघेल ने शुक्रवार को देवेन्द्र नगर थाना में सरेंडर कर दिया। सरेंडर के समय थाने परिसर में पुलिस बल की भारी मौजूदगी रही, वहीं बड़ी संख्या में उनके समर्थक भी पहुंच गए। पुलिस ने इस मामले में अमित बघेल पर 5 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था।

सरेंडर के दौरान उनके साथ उनके वकील भी मौजूद थे। पुलिस ने बताया कि बघेल के खिलाफ रायपुर के देवेन्द्र नगर और कोतवाली थाने में भड़काऊ बयान को लेकर अलग-अलग एफआईआर दर्ज हैं। गिरफ्तारी से बचने के प्रयास में लगातार फरार रहने पर पुलिस ने उन्हें भगोड़ा घोषित कर इनाम घोषित किया था।
क्या है मामला
27 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति तोड़फोड़ के एक दिन बाद अमित बघेल ने घटना स्थल पर पहुंचकर अग्रसेन महाराज और सिंधी समाज के ईष्ट देवता झूलेलाल पर विवादित टिप्पणी कर दी थी। इसके बाद दोनों समाजों में गहरा आक्रोश फैल गया और रायपुर, रायगढ़, सरगुजा सहित कई जिलों में विरोध प्रदर्शन किए गए। समाज के प्रतिनिधियों ने थानों में अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई थीं।

कैसे शुरू हुआ विवाद
26 अक्टूबर को रायपुर के VIP चौक में छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति में तोड़फोड़ की घटना हुई। पुलिस ने अगले ही दिन आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था, जो मानसिक रूप से बीमार बताया गया। लेकिन घटना स्थल पर पहुंचे अमित बघेल ने विवादित बयान दिया और पुलिस से झड़प भी हुई। इसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
समाज ने जताया था कड़ा विरोध
अग्रवाल और सिंधी समाज ने बघेल की टिप्पणी को धार्मिक भावनाओं पर चोट बताते हुए कड़ी प्रतिक्रिया दी थी। जगह-जगह प्रदर्शन हुए और आरोप लगाया गया कि यह टिप्पणी समाज को उकसाने की मंशा से की गई।

