
दुर्ग। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय, दुर्ग में संविधान दिवस बड़े ही सम्मान और गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ शपथ ग्रहण से हुआ। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति प्रोफेसर संजय तिवारी महोदय ने संविधान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय संविधान केवल एक विधिक दस्तावेज नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा और लोकतंत्र की आधारशिला है। उन्होंने सभी उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संविधान में निहित मूल्यों न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व को व्यवहार में उतारने का आह्वान किया। प्रो. तिवारी ने आगे जानकारी देते हुए कहा कि कहा कि अधिकार के साथ-साथ हमें अपने कर्तव्य का पालन पहले करना चाहिए यदि हम अपने कर्तव्य का पालन पूरी निष्ठा एवं ईमानदारी के साथ करते है तो अधिकार स्वयं ही प्राप्त हो जाता है। उन्होंने संविधान निर्माण की जानकारी प्रदान की। लोकतंत्र एक प्रकार का शासन व्यवस्था है, राजा का हित प्रजा के हित में होता है जिसमें सभी व्यक्ति को समान अधिकार होता है। एक अच्छा लोकतंत्र वह है जिसमें राजनीति और सामाजिक न्याय के साथ-साथ आर्थिक न्याय की व्यवस्था भी है। देश में यह शासन प्रणाली लोगों को सामाजिक, राजनीतिक तथा धार्मिक स्वतंत्रता प्रदान करती है।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलसचिव श्री भूपेन्द्र कुलदीप ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत का संविधान प्रस्तावना से शुरू होता है जो घोषणा करता है कि भारत एक संप्रभुत्व, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य है। प्रस्तावना में भारतीय समाज के लिए निर्धारित लक्ष्यों का वर्णन मिलता है। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के उप कुलसचिव डॉ. राजमणि पटेल, श्री राजेन्द्र कुमार चौहान, खेल संचालक, डॉ. दिनेश नामदेव, सहायक कुलसचिव श्री हिमांशु शेखर मंडावी, श्री दिग्विजय कुमार, तथा राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम समन्वयक प्रो. जनेंद्र कुमार दीवान सहित सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उत्साहपूर्वक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन एवं धन्यवाद हेमचन्द यादव विश्वविद्यालय दुर्ग के रासेयो कार्यक्रम समन्वयक प्रो. जनेंद्र कुमार दीवान ने किया।

