
रायपुर। धान खरीदी के चरम समय में रायपुर जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए सहकारी समितियों द्वारा संचालित 250 राशन दुकानों का आवंटन निरस्त कर दिया है। कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने यह कार्रवाई लगातार मिल रही शिकायतों और धान खरीदी में बाधा उत्पन्न किए जाने की पुष्टि के बाद की है। अब इन दुकानों का संचालन ग्रामीण ग्राम पंचायतें स्वयं करेंगी।
धान खरीदी में बाधा डालने का आरोप
जानकारी के अनुसार, कई सहकारी समितियों पर आरोप था कि वे जानबूझकर धान खरीदी की प्रक्रिया में व्यवधान डाल रहीं थीं।
किसानों को मंडियों में प्रवेश से रोकना
मनगढ़ंत बातें बताकर उन्हें घर वापस भेजना
खरीदी प्रक्रिया को धीमा करना
लगातार शिकायतें मिलने के बाद कलेक्टर ने सभी 250 दुकानों का आवंटन रद्द करते हुए संचालन पंचायतों को सौंपने के निर्देश जारी कर दिए।
हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों पर बड़ी कार्रवाई – FIR दर्ज
राज्य सरकार द्वारा सहकारी समितियों की हड़ताल पर एस्मा लागू कर दिया गया है। इसके बावजूद ड्यूटी पर नहीं लौटने वाले कर्मचारियों पर प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए विभिन्न थानों में FIR दर्ज की है।
FIR जिन क्षेत्रों में दर्ज हुई—
पुरानी बस्ती थाना
धरसींवा
खरोरा
तिल्दा-नेवरा
FIR में शामिल नाम:
राजू दास, ओमप्रकाश माहले, विजय गुप्ता, सुवेश, आनंद, बृज मोहन देवांगन, रामकुमार वर्मा, पोषण लाल धुरंधर, कौशल वर्मा सहित अन्य कर्मचारी, जो मंडियों में कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत थे।
सहकारी समितियों ने लगाया आरोप
सहकारी समिति प्रबंधकों का कहना है कि सरकार हड़ताल तुड़वाने के दबाव में ऐसे फैसले ले रही है। उनका कहना है कि फैसले के बावजूद हड़ताल खत्म करने को लेकर अभी कोई आधिकारिक सूचना जारी नहीं हुई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में असर
लंबे समय से ग्रामीण इलाकों में सहकारी समितियाँ ही राशन दुकानों का संचालन कर रही थीं। अचानक हुए इस फैसले से कई क्षेत्रों में हड़कंप मचा हुआ है। अब पंचायतें अपने स्तर पर नए प्रबंध तैयार कर रही हैं।
